अमेरिका से जारी टैरिफ वॉर के बीच चीन को भारत से उम्मीद, साथ मिलकर काम करने की जताई इच्छा
नई दिल्ली। अमेरिका से जारी टैरिफ वॉर के बीच चीन अब भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है। भारत के साथ चीन अपने संबंधों में मजबूती लाना चाहता है। चीन की मंशा है कि वो भारत के साथ मिलकर काम करे और इसके लिए चीन अपने देश में भारतीय उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना चाहता है। चीन ने कहा है कि वो अपने यहां भारतीय कंपनियों को व्यापार के लिए उचित माहौल प्रदान करने के साथ साथ दोनों देशों के बीच व्यापार घाटे को भी कम करने के लिए तैयार है।
चीन के राजदूत जू फेइहोंग ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए अपने एक इंटरव्यू में यह बातें कहीं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि चीन भारत के साथ मिलकर काम करने का इच्छुक है। हम भारतीय कंपनियों के स्वागत के लिए तैयार हैं और चीन में भारत के निर्यात को बढ़ावा देंगे। चीन और भारत के बीच लगभग 100 अरब डॉलर तक पहुंच चुके व्यापार घाटे को भी चीनी राजदूत ने कम करने की बात कही है।
माना जा रहा है डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर थोपे गए 245 फीसदी तगड़े टैरिफ के बाद ड्रैगन के रुख में यह बदलाव आया है। चीनी राजदूत ने कहा कि चीन चीन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कंज्यूमर मार्केट है। ऐसे में भारत और चीन दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंध लाभदायक होंगे। ऐसे में भारतीय कंपनियों को इस बात का लाभ उठाना चाहिए और चीन में व्यापार को बढ़ावा देना चाहिए।
याद दिला दें कि इससे पहले भी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सार्वजनिक मौकों पर भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों की बात कर चुके हैं। उन्होंने ड्रैगन-हाथी टैंगो की बात कही थी। भारत और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को बधाई देते हुए भारत के साथ रिश्तों को बेहतर करने की बात कही थी।
