स्वर्गीय श्री धनपाल जी का जन्म 1928 में ग्राम अगरौला, जनपद गाजियाबाद में हुआ । इन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विभिन्न अंग्रेजी सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे।
इनकी जीवन यात्रा, एक तरह से गाजियाबाद जनपद का इतिहास ही है। अंग्रेजों के ज़ुल्म, आजादी मिलने के सौभाग्यशाली पल, देश का विकास, इमरजेंसी की सख्तियां, पाकिस्तान और चीन से युद्ध और देश का आर्थिक शक्ति बनना , ये सब पलों के गवाह रहे।
इनके आदर्शों और उच्च विचारो ने बहुत व्यक्तियों के जीवन को सफल बनाया है।
सभी लोग इन्हें प्यार से बाबा जी कहकर बुलाते थे। ये सामाजिक सेवा का कोई भी मौका नहीं छोड़ते थे। इनका कहना था कि पूरा क्षेत्र ही मेरा परिवार है।
बाबा जी की धरोहर इनके परिवार के रूप में कायम रहेगी, ये भरा-पूरा परिवार छोड़ कर गए हैं, इनके चार पुत्र, अपने अपने क्षेत्रों में सफलता के झंडे गाड़ रहे हैं, पौत्र भी नित नए कामयाबी के सोपान तय कर रहे हैं।
आज हम भारी मन से उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं और उनके दिखाए रास्ते पर चलने का प्रण करते हैं। 🙏🙏🙏🙏श्रद्धांजलि