चीन के हथियार निकले फुस्स तो पाकिस्तान ने लगाई अमेरिका से गुहार, मंत्री बोले- भारत से लड़ने के लिए उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम और लड़ाकू विमान दो
वॉशिंगटन। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान को इतनी जबरदस्त चोट पहुंचाई कि वो अब अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका से अत्याधुनिक तकनीक वाले एयर डिफेंस सिस्टम और लड़ाकू विमान खरीदने की जी-तोड़ कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के साथ अमेरिका के दौरे पर पहुंचे शहबाज शरीफ सरकार में मंत्री मुसादिक मलिक का एक वीडियो वायरल हुआ है। उसमें मुसादिक मलिक ने सार्वजनिक तौर पर अमेरिका से उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम और लड़ाकू विमान देने की मांग करते दिख रहे हैं। मुसादिक मलिक ने कहा कि भारत ने 80 लड़ाकू विमानों से 400 मिसाइल पाकिस्तान पर दागीं। शहबाज सरकार के मंत्री ने कहा कि अगर हमारे पास एयर डिफेंस सिस्टम नहीं होता, तो पाकिस्तान में हर तरफ मलबा ही दिखता।
बिलावल भुट्टो जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी कोटे से मंत्री मुसादिक मलिक ने कहा कि भारत बहुत उन्नत तकनीकी का इस्तेमाल कर रहा है। हम कह रहे हैं कि अमेरिका वैसी तकनीक हमें दे, हम खरीद लेंगे। मुसादिक मलिक का बयान इस मायने में अहम है, क्योंकि पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर लगातार दावा करते रहे हैं कि भारत के हमलों का पाकिस्तान ने करारा जवाब दिया है। जबकि, उनकी सरकार में मंत्री मुसादिक मलिक कह रहे हैं कि भारत ने गहरी चोट दी है। बीते दिनों ही पाकिस्तान की सरकार का अन्य देशों को भेजा गया डोजियर भी लीक हुआ था। जिसमें पाकिस्तान ने कहा था कि भारत ने उसके यहां 28 जगह हमला किया।
भारत की सेना और वायुसेना ने इससे पहले कहा था कि भारत ने पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को मिट्टी में मिलाया और दुश्मन के 11 एयरबेस पर भारी नुकसान किया। इसके अलावा भारत ने पाकिस्तान के 2 रडार स्टेशन भी ध्वस्त करने की बात कही थी। पाकिस्तान के मंत्री की अमेरिका से उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम और लड़ाकू विमान की मांग इसलिए भी खास है क्योंकि पाकिस्तान के पास चीन के बने एयर डिफेंस सिस्टम और लड़ाकू विमान हैं। मुसादिक मलिक की बात से साफ है कि पाकिस्तान की रक्षा करने में चीन के ये हथियार नाकाम रहे। भारत से मुकाबले के लिए पाकिस्तान ने तुर्की से हमलावर ड्रोन भी लिए थे, लेकिन उनको भी भारत की सेना ने जमींदोज कर दिया। इससे तुर्की की साख को भी बड़ी चोट लगी है।
