जगदीप धनखड़ ने 10 दिन पहले बताया था अपना रिटायरमेंट प्लान
नई दिल्ली। जगदीप धनखड़ ने अचानक उप राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे से राजनीतिक जगत भौंचक्का रह गया है। जगदीप धनखड़ ने अपने त्यागपत्र की वजह स्वास्थ्य कारणों को बताया है, लेकिन सिर्फ 10 दिन पहले ही उन्होंने अपना रिटायरमेंट प्लान सार्वजनिक तौर पर बताया था। रिटायरमेंट के बारे में जगदीप धनखड़ के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
जगदीप धनखड़ 10 जुलाई 2025 को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में हुए एक कार्यक्रम में गए थे। वहां उन्होंने अपने रिटायरमेंट के बारे में बयान दिया था। बहुत गंभीरता से जगदीप धनखड़ ने इस कार्यक्रम में कहा था कि ईश्वर की कृपा रही, तो वो अगस्त 2027 में उप राष्ट्रपति पद से रिटायर हो जाएंगे। जगदीप धनखड़ ने कभी राष्ट्रपति बनने की इच्छा भी नहीं जताई। जबकि, इसकी चर्चा होती रहती थी कि द्रौपदी मुर्मु के बाद बीजेपी जगदीप धनखड़ को ही देश का अगला राष्ट्रपति बनाएगी। सुनिए 10 जुलाई को जगदीप धनखड़ ने किस अंदाज से अपने रिटायरमेंट प्लान के बारे में जानकारी दी थी।
जगदीप धनखड़ वैसे इस साल मार्च और जून में बीमार भी हुए थे। जगदीप धनखड़ को मार्च में सांस लेने में तकलीफ के कारण दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। उनको स्टेंट लगाना पड़ा था। फिर जून में वो उत्तराखंड के नैनीताल में एक कार्यक्रम में गए थे। वहां अचानक जगदीप धनखड़ बेहोश हो गए थे।
जगदीप धनखड़ उप राष्ट्रपति बनने से पहले केंद्रीय मंत्री और गवर्नर भी रहे। वो सुप्रीम कोर्ट में वकालत भी करते रहे। जगदीप धनखड़ को संसदीय कार्य और संविधान की बेहतरीन जानकारी है। संसद की कार्यवाही चलाने के लिए वो कभी-कभी सख्त रुख भी अपनाते थे। इस वजह से विपक्ष के साथ उनकी तकरार भी होती थी। विपक्ष की ओर से जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया था। पश्चिम बंगाल का गवर्नर रहने के दौरान सीएम ममता बनर्जी से भी जगदीप धनखड़ की काफी तकरार हुई। सुप्रीम कोर्ट पर भी उन्होंने टिप्पणी की थी। कुल मिलाकर जगदीप धनखड़ अपने बयानों और काम की वजह से काफी चर्चा में रहे।
