रूस के कामचटका में 8.8 तीव्रता का जोरदार भूकंप, जापान और अमेरिका के कई इलाकों में सुनामी का अलर्ट
मॉस्को। रूस के सुदूर पूर्वी हिस्से में स्थित कामचटका द्वीप पर 8.8 तीव्रता का भूकंप आने के बाद जापान और अमेरिका के पश्चिमी तटों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। कामचटका में 4 नवंबर 1952 को 9 तीव्रता का भूकंप आने से बड़ी तबाही हुई थी। उसके बाद कामचटका में ये सबसे जोरदार भूकंप है। कामचटका में जुलाई के महीने में ही 5 बार भूकंप के झटके लगे थे। इसके बाद 8.8 तीव्रता का भूकंप यहां आया। कामचटका में जोरदार भूकंप आने के बाद जापान ने अपना फुकुशिमा परमाणु संयंत्र को खाली कराया। फुकुशिमा में 2011 में भी सुनामी से काफी नुकसान हुआ था।
अमेरिका के हवाई में 3 से 12 फिट ऊंची समुद्र की लहरें उठने की आशंका जताई गई है। इसके बाद हवाई द्वीप के समुद्र से लगे इलाकों को छोड़कर लोग जाने लगे हैं। इससे वहां ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन गई। अमेरिका के जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) के मुताबिक कामचटका में समुद्र के नीचे भूकंप का केंद्र था। भूकंप ने कामचटका में काफी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी की मौत की खबर नहीं थी। इसकी वजह ये मानी जा रही है कि भूकंप सुबह आया और लोग नींद से उठ चुके थे।
रूस का कामचटका द्वीप जोरदार भूकंप से प्रभावित होने वाले धरती के हिस्सों में शामिल है। यहां धरती के नीचे दो प्लेटों में लगातार टक्कर होती रहती है। इसकी वजह से जापान, कोरिया के साथ रूस के कामचटका और इससे लगे इलाकों में भी भूकंप के तेज झटके आते हैं। समुद्र की सतह के नीचे तेज भूकंप आने के कारण सुनामी लहरें बनती हैं। जापान के टोहोकू इलाके में 2011 को आए विनाशकारी भूकंप और सुनामी से 15000 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। कामचटका द्वीप पर भूकंप आने के कारण आने वाले समय में जापान और कोरिया में भी तेज भूकंप आने की आशंका जताई जा रही है।
