रामचरितमानस पर टिप्पणी मामले में स्वामी प्रसाद मौर्य पर दर्ज होगा केस, वाराणसी के एमपी-एमएलए कोर्ट का आदेश
वाराणसी। यूपी के वाराणसी स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। हिंदुओं के ग्रंथ रामचरितमानस पर टिप्पणी करने के कारण स्वामी प्रसाद मौर्य पर केस दर्ज करने को कोर्ट ने कहा है। कोर्ट ने इस बारे में दाखिल अर्जी पर कहा कि पहली नजर में स्वामी प्रसाद मौर्य ने करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का काम किया। इससे पहले भी रामचरितमानस के बारे में टिप्पणी करने पर स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ कई जगह केस दर्ज हुआ था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने रामचरितमानस पर टिप्पणी के मामले में स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर जनवरी 2024 में रोक लगा दी थी। बता दें कि बीते कल यानी बुधवार को यूपी के रायबरेली में एक युवक ने स्वामी प्रसाद मौर्य को तमाचा मार दिया था।
स्वामी प्रसाद मौर्य पहले बीएसपी में थे और मायावती के बहुत करीबी नेताओं में उनकी गिनती होती थी। मायावती का साथ छोड़कर स्वामी प्रसाद मौर्य बीजेपी में आए। योगी आदित्यनाथ सरकार में वो मंत्री भी रहे। 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी छोड़ दी और समाजवादी पार्टी में चले गए। स्वामी प्रसाद मौर्य ने आरोप लगाया कि बीजेपी में दलितों और पिछड़ा वर्ग की सुनवाई नहीं होती। इसके बाद उन्होंने रामचरितमानस के बारे में विवादित टिप्पणी की। स्वामी प्रसाद मौर्य की टिप्पणी के बाद यूपी की राजधानी लखनऊ में कुछ लोगों ने रामचरितमानस के पन्ने जलाए और गिरफ्तार होकर जेल गए।
रामचरितमानस पर टिप्पणी मामले में वाराणसी के कोर्ट से केस दर्ज करने का आदेश आने के बाद अब स्वामी प्रसाद मौर्य इसे इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। अगर इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत न मिली, तो वो एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। बता दें कि रामचरितमानस पर टिप्पणी मामले में प्रतापगढ़ में केस दर्ज होने के खिलाफ स्वामी प्रसाद मौर्य ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। जहां से उनको राहत नहीं मिली थी। जिसके बाद स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रोकने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया था।
