किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के हितों से समझौता नहीं, हर अहितकारी नीति के आगे दीवार बनकर खड़ा है मोदी, स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री की दहाड़
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में किसानों और मछुआरों के हक की बात करते हुए दो टूक शब्दों में भारत के पशुपालक, किसान और मछुआरे हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं। इनसे जुड़ी किसी भी अहितकारी नीति के आगे मोदी दीवार बनकर खड़ा है। भारत अपने किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के संबंध में उनके हितों के लिए हानिकारक कोई समझौता स्वीकार नहीं करेगा। अमेरिका से जारी टैरिफ विवाद के बीच मोदी की इस बात को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जवाब के रूप में देखा जा रहा है। मोदी बोले, जो लोग पीछे छूट गए हैं उन्हें प्राथमिकता देना सरकार का नया मंत्र है।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, विकसित भारत बनाने के लिए, न हम रुकेंगे, न हम झुकेंगे। हम पूरे संकल्प के साथ प्रयास करते रहेंगे और अपनी आंखों के सामने, हम 2047 तक विकसित भारत बनाकर रहेंगे। हमारा दूसरा प्रण है कि हम हमारे जीवन में गुलामी का एक भी कण बचने नहीं देंगे, हम हर तरह की गुलामी से मुक्ति पाकर रहेंगे। हम अपनी विरासत पर गर्व करेंगे। इन सबके लिए एकता का मंत्र ही सबसे शक्तिशाली मंत्र है। एकता की डोर को कोई काट न सके यह हमारा सामूहिक संकल्प होगा।
नरेंद्र मोदी बोले, मां भारती के प्रति कर्तव्य निभाना पूजा से कम नहीं है, तपस्या और आराधना से कम नहीं है। उसी भाव से हम सब मातृभूमि के कल्याण के लिए परिश्रम की पराकाष्ठा करते हुए 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को पार करने के लिए अपने आप को खपा देंगे, कोई भी अवसर छोड़ेंगे नहीं, आगे बढ़ते ही रहेंगे। उन्होंने कहा, गरीबी क्या होती है, इसके बारे में मुझे किताबों में पढ़ने की ज़रूरत नहीं, मैं जानता हूं कि यह क्या होती है। मैं सरकार में भी हूं, इसलिए मेरी कोशिश रही है कि सरकार फाइलों में नहीं होनी चाहिए, वह नागरिकों की ज़िंदगी में होनी चाहिए।
