बिहार में आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं का मानदेय सीएम नीतीश कुमार ने बढ़ाया
नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं को बड़ा तोहफा देते हुए उनका मानदेय बढ़ा दिया है। अब आंगनबाड़ी सेविकाओं को 7,000 रुपए से बढ़ाकर अब 9,000 रुपए मानदेय दिया जाएगा। इसी तरह आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय 4,000 रुपए से बढ़ाकर 4,500 रुपए करने की संस्तुति की गई है। सीएम नीतीश कुमार ने कहा, राज्य में बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के पोषण एवं जीवन स्तर में सुधार करने में आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनकी इसी भूमिका का सम्मान करते हुए हमलोगों ने उनके मानदेय में वृद्धि करने का निर्णय लिया है।
नीतीश कुमार ने आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोत्तरी किए जाने के निर्णय की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, नवम्बर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही हम लोगों ने गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के पोषण तथा स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिये बड़े पैमाने पर काम किया है। इसके लिये समेकित बाल विकास परियोजना के माध्यम से 6 प्रकार की सेवायें प्रदान की जा रही हैं। इन सेवाओं को आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से लाभार्थियों को उपलब्ध कराने में आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं सहायिकाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनके अहम योगदान को देखते हुये उनकी मानदेय राशि में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है। इससे सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं का मनोबल बढ़ेगा तथा समेकित बाल विकास सेवायें और बेहतर होंगी।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने आज बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की 1065 बसों में ई-टिकटिंग सुविधा लागू करने का शुभारंभ किया और 80 नई पिंक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सीएम का कहना है कि इन पिंक बसों में सिर्फ महिलाएं ही यात्रा कर सकती हैं। इन पिंक बसों के परिचालन से महिलाओं का सफर ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक होगा और उन्हें आवागमन में काफी सहूलियत होगी। साथ ही ई-टिकटिंग की व्यवस्था से राज्य के लोगों को विभिन्न जगहों पर यात्रा करने में सुगमता होगी।
