क्या है एंटीफा? जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषित किया आतंकी संगठन, फंडिंग करने वालों को दी चेतावनी
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वामपंथी और फासीवाद विरोधी मूवमेंट एंटीफा (Antifa) को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। इसके साथ ही ट्रंप ने उन लोगों को भी कड़ी चेतावनी दी है जो एंटीफा मूवमेंट के लिए फंड की व्यवस्था करते हैं। ट्रंप बोले, जो भी व्यक्ति या संगठन इस मूवमेंट की किसी भी प्रकार से मदद करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी एक्शन लिया जाएगा। ट्रंप ने अपने सहयोगी और दक्षिणपंथी राजनीतिक कार्यकर्ता चार्ली किर्क की हत्या के बाद यह कार्रवाई की है।
ट्रंप ने लिखा, मुझे सभी अमेरिकी देशभक्तों को यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि एंटीफा जिसे मैं एक बीमार, खतरनाक, कट्टरपंथी वामपंथी आपदा मानता हूं, को एक प्रमुख आतंकवादी संगठन घोषित कर रहा हूं। एंटीफा को फंड उपलब्ध कराने वालों की उच्चस्तीय जांच की जाएगी और जिनकी भी संलिप्तता पाई गई उन दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इससे पहले भी ट्रंप ने अमेरिका में बढ़ती राजनीतिक हिंसा के लिए एंटीफा मूवमेंट को दोषी ठहराया था। ट्रंप ने कहा था कि वामपंथी कट्टरपंथी ही समस्या हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने उनको क्रूर, भयानक हैं और राजनीतिक रूप से चतुर बताया था।
एंटीफा का पूरा नाम ‘एंटी-फासिस्ट’ है। इसमें कई छोटे-छोटे ग्रुप शामिल हैं, जिनका झुकाव कट्टर वामपंथ की तरफ है। ये लोग फासीवाद, नियो-नाजी विचारधारा और दक्षिणपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ते हैं। अपने प्रदर्शनों या रैलियों में एंटीफा मूवमेंट से जुड़े लोग फासीवादी गुटों का विरोध करते हैं। एंटीफा से जुड़े लोगों का मानना है कि फासीवाद लोकतंत्र को खत्म कर सकता है, इसलिए इसका मुकाबला करने के लिए कभी कभी कड़े कदम भी उठाने पड़ते हैं। अमेरिका में एंटीफा से जुड़े लोग ज्यादातर काले कपड़े पहनते हैं और अपना चेहरा ढककर रखते हैं।
