July 1, 2026

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पश्चिम बंगाल में एसआईआर शुरू होने के बाद डरकर अपने देश भाग रहे बांग्लादेशी घुसपैठिए, सीमा पर 500 को बीएसएफ ने पकड़ा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने एसआईआर यानी वोटरों का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू करवाया है। एसआईआर शुरू होने के बाद पश्चिम बंगाल में अवैध तरीके से घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों में हड़कंप मचा है। वे अब अपने देश वापस जाने की कोशिश कर रहे हैं। घुसपैठिए बांग्लादेशियों के ऐसे ही एक जत्थे को उत्तर 24 परगना के स्वरूपनगर स्थित हाकिमपुर सीमा पोस्ट पर बीएसएफ ने रोक रखा है। द टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार ने ये जानकारी दी है। अखबार के मुताबिक हाकिमपुर सीमा पोस्ट पर रोके गए घुसपैठिए बांग्लादेशियों की संख्या 500 के करीब है। इन लोगों ने मीडिया से बातचीत में माना कि अवैध तरीके से घुसपैठ की।

सीमा पर रोके गए बांग्लादेशियों में महिलाएं और बच्चे भी हैं। बीएसएफ की ओर से बताया गया है कि सोमवार को 143वीं बटालियन के जवान गश्त पर थे। उन्होंने नदी के किनारे लोगों को जाते देखा। इन सभी को पकड़ा गया। पकड़े जाने के बाद सभी ने बताया कि वे अवैध तरीके से बांग्लादेश से भारत आए थे। इसके बाद मंगलवार को भी करीब 200 और बांग्लादेशियों को सीमा पार करने की कोशिश करते बीएसएफ ने पकड़ा। इन सभी ने बताया है कि वे घुसपैठ कर रोजगार की तलाश में भारत आए थे। पूछताछ में पकड़े गए बांग्लादेशियों ने बताया कि वे पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के न्यूटाउन और सॉल्ट लेक इलाकों के अलावा राजारहाट, बिराटी और मध्यमग्राम में कई साल से अवैध तरीके से रह रहे थे।

इससे पहले बंगाल के कई टीवी चैनलों ने बताया था कि एसआईआर शुरू होने के बाद बड़ी तादाद में अवैध रूप से भारत में घुसे बांग्लादेशी नागरिक वापस लौटने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर से डरकर बांग्लादेशी घुसपैठिए अपने वतन लौट रहे हैं। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि कोलकाता के गुलशन इलाके में लाखों लोग रहते थे, लेकिन एसआईआर शुरू होने के बाद यहां करीब 1500 लोग ही रह गए हैं और बस्तियों की झोपड़ियां खाली पड़ी हैं। बता दें कि चुनाव आयोग ने पहले बिहार में एसआईआर कराया। अब 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर कराई जा रही है। ताकि अगले चुनावों में सिर्फ भारत के नागरिक ही वोट डाल सकें।

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