February 16, 2026

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धर्म बदलने वालों के जाति प्रमाण पत्रों की होगी जांच, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के सभी जिलों के डीएम को दिए आदेश; कहा- संविधान से धोखा नहीं किया जा सकता

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम आदेश में यूपी के सभी जिलों के डीएम को धर्म बदलने के बावजूद जाति प्रमाण पत्र लेने के मामलों की जांच के लिए कहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस प्रवीण कुमार गिरि ने ये आदेश दिया। कोर्ट ने सभी डीएम को निर्देश दिया है कि वे चार महीने में जाति प्रमाण पत्र जारी करने में कमियों की जानकारी यूपी सरकार को दें। ताकि संविधान से धोखा न किया जा सके। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने अहम आदेश में केंद्र सरकार के कैबिनेट सेक्रेटरी और यूपी के चीफ सेक्रेटरी को भी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी के मामले देखने के लिए कहा है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ये आदेश जीतेंद्र साहनी नाम के शख्स की याचिका पर दिए। याचिका में जीतेंद्र ने कोर्ट में खुद को हिंदू बताया था। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस प्रवीण कुमार गिरि ने कहा कि हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म मानने वालों के अलावा किसी और समुदाय का व्यक्ति अनुसूचित जाति का नहीं माना जाएगा। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के हाल के एक फैसले का भी हवाला दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि धर्म बदलने के बाद आरक्षण पाने के लिए जाति के आधार पर फायदा लेना संविधान से धोखाधड़ी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के एक फैसले का भी उदाहरण दिया। जिसमें कहा गया था कि ईसाई धर्म में जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होता और ऐसे में अनुसूचित जाति का आधार खत्म हो जाता है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका दाखिल करने वाले जीतेंद्र साहनी की धर्म के जांच के भी आदेश दिए। ये मामला यूपी के महाराजगंज जिले का है। वहां के डीएम के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि वो तीन महीने में जीतेंद्र के धर्म की जांच करें। अगर वो जालसाजी का दोषी पाया जाता है, तो कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। ताकि भविष्य में कोई ऐसा हलफनामा न दे सके। जीतेंद्र साहनी ने आईपीसी की धारा 153-ए और 295-ए के तहत एक मामले को रद्द करने की याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की थी। उस पर इस आरोप में केस दर्ज हुआ था कि उसने दूसरों को ईसाई धर्म में लाने की कोशिश की। साथ ही देवी-देवताओं के बारे में अपशब्द कहे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका पर ये भी कहा कि वो केस को अभी रद्द नहीं कर सकता।

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