यूपी में पौने तीन करोड़ एसआईआर फॉर्म नहीं मिले वापस!, चुनाव आयोग बढ़ा सकता है समयसीमा
लखनऊ। 8 राज्यों और 3 केंद्र शासित क्षेत्रों के साथ ही यूपी में भी चुनाव आयोग वोटरों का विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर करा रहा है। अब यूपी में एसआईआर से जुड़ी बड़ी खबर आई है। अखबार अमर उजाला के मुताबिक यूपी में करीब पौने तीन करोड़ यानी 17.7 फीसदी एसआईआर फॉर्म बीएलओ को वापस नहीं मिले हैं! अखबार के अनुसार इस हालत को देखते हुए यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा चुनाव आयोग से सूबे में एसआईआर की समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध करने वाले हैं।
अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि यूपी में अब तक 80 फीसदी एसआईआर फॉर्म भरकर जमा कराए जा चुके हैं। जबकि, 17.7 फीसदी एसआईआर फॉर्म जमा न होना बड़ा आंकड़ा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया है कि वे इन एसआईआर फॉर्मों को जमा कराने में मदद दें। उन्होंने यूपी के सभी जिलों के अफसरों को निर्देश दिया है कि वे चेक कराएं कि क्या एसआईआर के ये फॉर्म वापस आ सकेंगे या नहीं। अखबार की खबर के मुताबिक यूपी में एसआईआर की तारीख बढ़ाने का फैसला 11 दिसंबर से पहले हो सकता है। यूपी में 15.44 करोड़ वोटर हैं।
यूपी में अब तक वापस आए एसआईआर फॉर्म में से 97.3 फीसदी को डिजिटाइज किया जा चुका है। चुनाव आयोग ने बीते दिनों ही एसआईआर की समयसीमा को बढ़ाकर 11 दिसंबर किया था। इससे पहले एसआईआर की समयसीमा 4 दिसंबर रखी गई थी। तमाम बीएलओ की असामायिक मौत और आत्महत्या के बाद चुनाव आयोग ने यूपी समेत सभी 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित क्षेत्रों में एसआईआर की समयसीमा बढ़ाई थी। इन राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों से पहले चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर कराया था। चुनाव आयोग ने कहा है कि संवैधानिक अधिकार के तहत एसआईआर कराकर वो गैर नागरिकों को वोटर लिस्ट से बाहर कर रहा है।
