यूपी में फर्जी पासपोर्ट रैकेट चलाने वाले 10 आरोपी गिरफ्तार, जानिए कैसे करते थे काम और कितनी लेते थे रकम?
गाजियाबाद। यूपी में फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनाने वाले बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। फर्जी पासपोर्ट के इस रैकेट के 10 लोगों को गाजियाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इन गिरफ्तार लोगों में से दो लोग फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाने के इच्छुक लोगों की तलाश करते थे। गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक ये रैकेट पासपोर्ट सेवा केंद्र की जगह भोजपुर के पोस्ट ऑफिस में बने पासपोर्ट सेवा केंद्र में लोगों से आवेदन कराता था। वजह ये थी कि पासपोर्ट सेवा केंद्र में आवेदकों के दस्तावेजों की चार जगह जांच होती थी। जबकि, पोस्ट ऑफिस में एक ही कर्मचारी जांच करता था।
फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट दिलाने वाला रैकेट अरुण नाम के पोस्टमैन से फर्जी दस्तावेज सत्यापित करा लेता था। गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक इस रैकेट का सरगना दिल्ली के जामियानगर इलाके के जौहरी पार्क का रहने वाला मुश्ताक अहमद है। रैकेट में शामिल उसके साथी का नाम मुदासिर खान है। वो जम्मू-कश्मीर के बटमालू का मूल निवासी है और दिल्ली में दरियागंज में रहता था। पुलिस के मुताबिक पासपोर्ट रैकेट चलाने वाला मुश्ताक दिल्ली में प्रॉपर्टी डीलर का काम करता है। गाजियाबाद पुलिस का दावा है कि फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनाने के लिए वो हर एक से एक से डेढ़ लाख रुपए लेता था। वहीं, मुदासिर को हर पासपोर्ट आवेदक लाने पर 25000 रुपए मिलते थे।
गाजियाबाद पुलिस को पूछताछ में मुदासिर खान ने बताया कि वो दिल्ली में टैक्सी चलाने का काम करता था। फर्जी दस्तावेजों से सिम लेकर उससे ई-मेल आईडी बनाकर पासपोर्ट के लिए रैकेट आवेदन कराता था। पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों से बने 22 पासपोर्ट बरामद किए हैं। इनमें से 13 के लिए आवेदन एक ही मोबाइल नंबर से किए गए थे। रैकेट के सदस्य फर्जी आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बर्थ सर्टिफिकेट और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाता और फिर इनके जरिए पासपोर्ट दिलाता था।
