‘तेजस्वी यादव नहीं मैं जीतूंगा’, उपेंद्र कुशवाहा ने किया दावा; जानिए बिहार में राज्यसभा सीटों पर जीत की क्या है गणित?
पटना। बिहार से राज्यसभा की 5 सीट पर चुनाव होना है। इनमें से 4 सीट पर सत्तारूढ़ एनडीए की जीत पक्की है। इनमें से 2 राज्यसभा सीट पर बीजेपी और 2 पर जेडीयू ने प्रत्याशी उतारे हैं। जबकि, पांचवीं सीट पर एनडीए ने आरएलएम के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया है। बिहार से राज्यसभा की इसी पांचवीं सीट पर विपक्षी महागठबंधन की तरफ से आरजेडी के तेजस्वी यादव को उतारने की तैयारी है, लेकिन उपेंद्र कुशवाहा ने तेजस्वी की जीत के बारे में बड़ा दावा कर दिया है। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि अगर आरजेडी तेजस्वी यादव को उतारती है, तो उनको पराजय का सामना करना होगा।
उपेंद्र कुशवाहा ने जिस कॉन्फिडेंस से विपक्ष को राज्यसभा चुनाव में पांचवीं सीट पर हराने का दावा किया है, उससे लग रहा है कि सत्तारूढ़ एनडीए ने इस सीट पर जीत के लिए कोई गुणा-गणित तैयार की है। क्योंकि उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार से राज्यसभा की पांचवीं सीट जीतने के दावे के साथ ये भी कहा है कि महागठबंधन के कई विधायक एनडीए के संपर्क में हैं। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि गठबंधन में सब कुछ आपस में तय होता है। जिसके आधार पर अलग-अलग लोगों को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया गया है। उन्होंने खुद को प्रत्याशी बनाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को धन्यवाद दिया है।
उपेंद्र कुशवाहा की ओर से राज्यसभा चुनाव में अपनी जीत और विपक्षी प्रत्याशी की हार के दावे से तय है कि बिहार में इस पांचवीं सीट के लिए जोरदार टक्कर होने वाली है। बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए के 202 विधायक हैं। जबकि, आरजेडी के 25 समेत अन्य दलों के 41 विधायक हैं। बिहार में राज्यसभा की हर सीट के लिए 41 वोट हासिल करने होंगे। बिहार में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के 5 विधायक हैं। ओवैसी और महागठबंधन में छत्तीस का आंकड़ा रहा है। इस वजह से भी महागठबंधन के प्रत्याशी के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी होने वाली है।
