खुद पर हुए जानलेवा हमले के बाद फारूक अब्दुल्ला की पहली प्रतिक्रिया, जम्मू कश्मीर पुलिस पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। नेशनल कांफ्रेंस पार्टी के अध्यक्ष और जम्मू के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को गुरुवार रात एक शादी समारोह में एक व्यक्ति ने गोली मारने का प्रयास किया। इस जानलेवा हमले वो बाल-बाल बच गए। अब इसको लेकर फारूक अब्दुल्ला ने प्रेंस कांफ्रेंस कर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, मैं न तो उस आदमी (आरोपी) को जानता हूं और न ही मुझे उसके बारे में कुछ पता है। मुझे नहीं पता कि उसका मकसद क्या था। पता नहीं उसको क्या रंजिश थी? सवाल यह है कि उस शादी समारोह में सभी बड़े-बड़े लोग थे और वहां कोई पुलिस का इंतजाम था ही नहीं, ये तो शुक्र है कि मेरी सिक्योरिटी मेरे साथ थी और मैं बच गया।
अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा, मैं जब कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल रहा था, तभी मुझे पटाखे जैसे की आवाज सुनाई दी, इसके बाद मेरे सुरक्षाकर्मियों ने मुझे तुरंत मुझे एक कार में बिठाया। बाद में मुझे बताया गया कि एक आदमी पिस्तौल के साथ था जिसने 2 गोलियां चलाईं। मुझे उसके मकसद या रंजिश के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैंने कभी किसी के साथ बुराई नहीं की। जब मैं वजीरे आला भी था जो भी मेरे पास आया चाहे वो विपक्ष का ही क्यों न हो मैंने अपने लोगों से ज्यादा विपक्ष के लोगों की समस्याओं को दूर करने की कोशिश की।
फारूक ने एक बार फिर कहा कि वहां पुलिस नहीं थी जबकि उसे होना चाहिए था। हम जिस माहौल में रह रहे हैं वहां एहतियात रखना बहुत जरूरी है। फारूक ने बताया कि घटना के बाद रात को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मेरे पास फोन आया था। उन्होंने मुझसे पूछा कि आप कैसे हैं। मैंने उनको बताया कि मैं ठीक हूं। इसके बाद शाह ने मुझसे कहा कि हमलावर को पकड़ लिया गया है इसकी पूरी तहकीकात की जाएगी।
