पीएनबी घोटाला के मुख्य आरोपी नीरव मोदी के लिए भारत प्रत्यर्पण से बचने का अंतिम मौका, लंदन का कोर्ट मार्च में उसकी याचिका पर करेगा सुनवाई
लंदन। पीएनबी से हजारों करोड़ का लोन लेकर भागे नीरव मोदी ने लंदन के कोर्ट में अपने प्रत्यर्पण का केस फिर शुरू करने की याचिका दी है। नीरव मोदी की इस याचिका पर लंदन के कोर्ट में मार्च 2026 में सुनवाई होगी। इससे पहले नीरव मोदी की प्रत्यर्पण के खिलाफ सभी याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। नीरव मोदी ने ताजा याचिका में कहा है कि भारत में उसे ठीक से सुनवाई का मौका नहीं मिलेगा। साथ ही उसने अपनी जान को खतरा भी बताया है। वहीं, सीबीआई ने लंदन के कोर्ट में कहा है कि नीरव मोदी की आशंका गलत है। उसे भारत की जेल में ठीक से रखा जाएगा और सुनवाई भी कानून के तहत की जाएगी।
अगर मार्च में लंदन का कोर्ट नीरव मोदी की याचिका को खारिज कर देता है, तो उसका भारत प्रत्यर्पण कर दिया जाएगा। लंदन का कोर्ट अब सिर्फ ये देखेगा कि नीरव मोदी की याचिका सुने जाने लायक है या नहीं। इस तरह नीरव मोदी के पास बचाव का यही अंतिम मौका है। सीबीआई के वकीलों ने नीरव मोदी के खिलाफ लंदन और ब्रिटेन के सभी कोर्ट में ऐसे पुख्ता सबूत दिए, जिसकी वजह से नीरव मोदी की भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ दाखिल सभी याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। ब्रिटिश सरकार पहले ही उसके प्रत्यर्पण को हरी झंडी दिखा चुकी है। ऐसे में नीरव मोदी के पास भारत प्रत्यर्पण से बचने का यही अंतिम मौका रह गया है।
नीरव मोदी पर आरोप है कि उसने 13000 करोड़ का बैंक घोटाला किया। भारतीय जांच एजेंसियों ने अब तक नीरव मोदी की 1000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की है। नीरव मोदी को भारत की अदालतों से भी राहत नहीं मिल सकी। नीरव मोदी के अलावा उसके मामा मेहुल चोकसी पर भी इस घोटाला में शामिल होने का आरोप है। मेहुल चोकसी अभी बेल्जियम की जेल में है। बेल्जियम सरकार ने उसके भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। बेल्जियम के कोर्ट से भी मेहुल चोकसी को झटका लग चुका है। माना जा रहा है कि जल्दी ही नीरव मोदी के मामा मेहुल चोकसी को बेल्जियम से भारत प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा।
