दीपू चंद्र दास की हत्या के मामले में बांग्लादेश में सात आरोपी गिरफ्तार
ढाका। बांग्लादेश पुलिस ने दीपू चंद्र दास की हत्या के सिलसिले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दीपू चंद्र दास की मैमनसिंह जिले के वालुका में कट्टरपंथियों ने हत्या कर सरेआम पेड़ से शव लटकाया था। फिर दीपू के शव को जला दिया था। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के दफ्तर से बताया गया है कि पुलिस ने दीपू चंद्र दास की हत्या के आरोप में मोहम्मद लिमन सरकार, मोहम्मद तारिक हुसैन, मोहम्मद मानिक मियां, इरशाद अली, निजामुद्दीन, आलमगीर हुसैन और मोहम्मद मिराज हुसैन एखोन को गिरफ्तार किया है।
मोहम्मद यूनुस के दफ्तर से ये जानकारी भी दी गई है कि दीपू चंद्र दास की हत्या के सिलसिले में आरएबी ने 14 जगह छापे मारे। इन छापों में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बांग्लादेश में बीते कुछ दिनों से हालात काफी नाजुक हैं। छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हालात बिगड़े हैं। हादी को बीते दिनों उसके ही पड़ोसी ने गोली मार दी थी। हादी को इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था। जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद उग्र भीड़ ने बांग्लादेश के दो अखबारों डेली स्टार और प्रोथोम आलो के दफ्तरों पर तोड़फोड़ और आगजनी की थी। धानमंडी स्थित बांग्लादेश के पहले पीएम शेख मुजीबुर रहमान के घर पर भी तोड़फोड़ के बाद आगजनी की गई थी।
दीपू चंद्र दास की उम्र महज 27 साल थी। दीपू की हत्या कर शव को सरेआम टांगकर जलाने का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस वाली सरकार पर एक बार फिर हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा न करने का आरोप लगा था। बता दें कि 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना सरकार के पतन के बाद भी बांग्लादेश में हिंदुओं पर जमकर अत्याचार किया गया था। तमाम हिंदुओं को मार डाला गया था और महिलाओं से गैंगरेप की घटनाएं भी हुई थीं। मोहम्मद यूनुस ने इन घटनाओं को राजनीतिक वजह के कारण बताया था। मोहम्मद यूनुस ने ये भी कहा था कि भारत की मीडिया गलत तथ्य दे रही है, लेकिन दीपू चंद्र दास की हत्या ने साफ कर दिया है कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी और अराजक तत्वों के हौसले अंतरिम सरकार में कितने बुलंद हुए हैं।
Tags:
