भारत में शरण चाहते हैं कट्टरपंथियों के हमलों के घबराए बांग्लादेश के हिंदू
नई दिल्ली। बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। कट्टरपंथियों ने हाल के दिनों में दीपू चंद्र दास और अमृत मंडल की पीट-पीटकर हत्या की है। इसके बाद बांग्लादेश में हिंदू बहुत डरे हुए हैं। द टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार के मुताबिक बांग्लादेश के हिंदू चाहते हैं कि उनके लिए भारत अपनी सीमा खोल दे और शरण देने का फैसला ले। बांग्लादेश में पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान की वापसी से वहां के हिंदू समुदाय में चिंता और बढ़ी है।
द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक उसने बांग्लादेश के ढाका, मैमनसिंह और चटगांव वगैरा में कई हिंदुओं से बात की। इन हिंदुओं ने अखबार से कहा कि बांग्लादेश में रहने वाले समुदाय के लोग डरे हुए हैं। दीपू और अमृत की हत्या ने उनको भीतर तक हिला दिया है। तारिक रहमान के बांग्लादेश लौटने से हिंदू समुदाय और भी चिंता में है। इसकी वजह ये है कि भारत के प्रति तारिक रहमान का रुख अच्छा नहीं रहा है। तारिक रहमान के बारे में कहा जा रहा है कि उनकी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को फरवरी में होने वाले संसदीय चुनाव में जीत मिल सकती है।
बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार का 5 अगस्त 2024 को पतन हो गया था। इसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में वहां अंतरिम सरकार बनी। मोहम्मद यूनुस के सत्ता संभालने के बाद से बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार शुरू हुए। हिंदुओं को मार डालने के तमाम बयान कट्टरपंथी लगातार दे रहे हैं। जिस तरह भीड़ ने दीपू चंद्र दास और अमृत मंडल की जान ली, वैसा नजारा हसीना सरकार के पतन के बाद भी देखा गया था। खास बात ये है कि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के साथ खड़ी नजर आ रही है। जिस जमात-ए-इस्लामी पर शेख हसीना ने प्रतिबंध लगाया था, उसे यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने खत्म कर दिया। इसके अलावा कई कट्टरपंथी नेताओं को भी बांग्लादेश की जेलों से रिहा किया गया है।
