यूपी में एसआईआर के बाद करीब 3 करोड़ वोटरों के नाम कटने के आसार
लखनऊ। चुनाव आयोग ने यूपी में भी वोटरों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को पूरा कर लिया है। यूपी में शुक्रवार को एसआईआर का अंतिम दिन था। चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से मीडिया ने बताया है कि यूपी में एसआईआर के बाद करीब 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कट सकते हैं। एसआईआर से पहले यूपी में 15.44 करोड़ वोटर होने की जानकारी चुनाव आयोग ने दी थी। यानी एसआईआर में 18.7 फीसदी वोटर कम हो सकते हैं। खबरों के मुताबिक एसआईआर खत्म होने के बाद यूपी की राजधानी लखनऊ में 12 लाख वोटरों के नाम कटने के आसार हैं।
जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग के एसआईआर के दौरान सामने आया कि यूपी में 1.25 करोड़ वोटर स्थायी तौर पर शिफ्ट हो चुके हैं। जबकि, 45.95 लाख वोटरों की मृत्यु का पता चला। वहीं, एसआईआर से ये भी सामने आया कि यूपी में 23.59 लाख वोटरों का नाम एक से ज्यादा जगह दर्ज है। इसके अलावा यूपी के 84 लाख वोटरों का पता एसआईआर में नहीं चला। जबकि, 9.57 लाख वोटरों ने फॉर्म लेने के बाद भी उसे जमा नहीं किया। चुनाव आयोग के मुताबिक एसआईआर पूरा होने के बाद अब यूपी में 31 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। इसके बाद 30 जनवरी तक लोग और राजनीतिक दलों के एजेंट दावे और आपत्तियां कर सकेंगे। चुनाव आयोग 28 फरवरी 2026 को यूपी की फाइनल वोटर लिस्ट जारी करेगा।
यूपी में साल 2027 में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इससे काफी पहले ही चुनाव आयोग ने एसआईआर कराकर वोटर लिस्ट के शुद्धिकरण का काम किया है। चुनाव आयोग के मुताबिक यूपी में जो लोग 1 जनवरी 2026 को 18 साल के होने वाले हैं, वे फॉर्म-6 भरकर वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने का आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा फॉर्म-7 भरकर नाम कटवाने और फॉर्म-8 भरकर अपने वोटर कार्ड में बदलाव भी करवा सकते हैं। चुनाव आयोग ने सबसे पहले बिहार में एसआईआर कराया था। जिसके बाद उसने यूपी, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु केरल समेत 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित क्षेत्रों में एसआईआर कराया।
