बांग्लादेश में हिंदू युवक को चाकुओं से गोदकर जिंदा जलाने की कोशिश, थम नहीं रही अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा
नई दिल्ली। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। एक के बाद एक हिंदू नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। पिछले 15 दिनों में तीन हिंदू युवकों की हत्या हो चुकी है। अब एक और हिंदू युवक को कट्टरपंथियों के द्वारा निशाना बनाया गया है। ताजा मामला शरीयतपुर इलाके का है जहां खोकन चंद्र नाम के हिंदू शख्स को पहले तो भीड़ ने घेरकर बेरहमी से मारा पीटा, फिर उसके ऊपर चाकू से कई वार किए और बाद में पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने की कोशिश की गई।
खोकन चंद्र ने एक तालाब में कूदकर अपनी जान बचाई। हालांकि वो गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। यह घटना बुधवार देर शाम की है। बांग्लादेश के छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद से कट्टरपंथी लगातार हिंदुओं पर हमले कर रहे हैं। 18 दिसंबर को मयमनसिंह जिले के भालुका इलाके में कट्टरपंथियों की भीड़ ने दीपू चंद्र दास नाम के हिंदू युवक को पीट-पीटकर मार डाला था। कट्टरपंथी यहीं नहीं रुके उन्होंने दीपू के शव को एक पेड़ से लटकाया, उस पर भी लाठी डंडे बरसाए बाद में शव को आग लगा दी थी।
इस घटना के बाद कुछ दिन बाद राजबाड़ी के पांग्शा इलाके में अमृत मंडल नाम के एक युवक की भीड़ ने पीट पीटकर हत्या कर दी थी। हालांकि स्थानीय पुलिस का कहना है कि अमृत मंडल एक अपराधी था जो लोगों से अवैध वसूली करता था और उसी के विरोध में उसकी हत्या हुई। इसके बाद 29 दिसंबर की शाम बांग्लादेश ग्रामीण अर्धसैनिक बल के सदस्य बृजेंद्र विस्वास को उन्हीं के एक मुस्लिम साथी नोमान मियां ने गोली मार दी थी जिसमें उनकी मौत हो गई थी। यह घटना भालुका उपजिला इलाके में स्थित सुल्तान स्वेटर्स लिमिटेड फैक्ट्री में घटी जहां सिक्योरिटी में उनकी तैनाती थी।
