एक-दूसरे की धुर विरोधी बीजेपी और कांग्रेस ने महाराष्ट्र के अंबरनाथ में मिला लिया हाथ!, एकनाथ शिंदे की शिवसेना को झटका दे मेयर चुनाव जीता
मुंबई। बीजेपी और कांग्रेस एक-दूसरे की धुर विरोधी हैं। बीजेपी हमेशा कांग्रेस मुक्त भारत का नारा देती है। वहीं, राहुल गांधी समेत कांग्रेस के नेता बीजेपी पर तमाम आरोप लगाकर उसे केंद्र और राज्यों की सत्ता से हटाने की बात कहते हैं। लेकिन कहते हैं कि सियासत में कोई हमेशा के लिए दुश्मन और दोस्त नहीं होता। ऐसा ही एक-दूसरे की विरोधी बीजेपी और कांग्रेस ने महाराष्ट्र की अंबरनाथ नगर परिषद में कर दिखाया है। महाराष्ट्र की अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस ने गठजोड़ कर लिया! इस गठजोड़ ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना को जोरदार झटका दिया है।
अंबरनाथ नगर परिषद की सत्ता से एकनाथ शिंदे की शिवसेना को दूर रखने के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने हाथ मिलाया। अंबरनाथ नगर परिषद में एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 28 पार्षद पदों पर जीत मिली थी। यहां मेयर चुनाव के लिए 30 पार्षदों का बहुमत चाहिए था। ऐसे में बीजेपी, कांग्रेस और अजित पवार की एनसीपी ने गठबंधन बनाया। इस गठबंधन में बीजेपी के 16, कांग्रेस के 12 और एनसीपी के 4 यानी कुल 32 पार्षद हो गए। इसकी वजह से अंबरनाथ नगर परिषद के मेयर चुनाव में बीजेपी की तेजश्री करंजुले जीत गईं।
अंबरनाथ नगर परिषद के मेयर चुनाव के लिए कांग्रेस और बीजेपी का गठबंधन बनने पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना की तीखी प्रतिक्रिया आई है। शिवसेना के विधायक बालाजी किनिकर ने बीजेपी और कांग्रेस के गठबंधन को अपवित्र बताया। उन्होंने बीजेपी पर विश्वासघात का आरोप भी लगाया। किनिकर ने कहा कि जिस पार्टी ने कांग्रेस मुक्त भारत की बात की, वो अब कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता में है। ये शिवसेना की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है। वहीं, बीजेपी की तरफ से कहा गया है कि अंबरनाथ नगर परिषद में शिवसेना के कब्जे के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होता रहा। बीजेपी ने कहा है कि अगर उसने एकनाथ शिंदे की शिवसेना से गठबंधन किया होता, तो वो वाकई अपवित्र होता।
