यूपी में एसआईआर के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम है तो भी आपको आ सकता है चुनाव आयोग का नोटिस, जानिए इसकी वजह
लखनऊ। यूपी में एसआईआर के बाद अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में आ गया है, तो भी राहत महसूस न कीजिए। यूपी निर्वाचन आयोग अब 3.26 करोड़ वोटरों को नोटिस भेजने वाला है। चुनाव आयोग की एसआईआर के बाद यूपी में 2.32 करोड़ ऐसे वोटर हैं, जिनके नाम और उम्र वगैरा में गड़बड़ी है। इन सभी को चुनाव आयोग नोटिस भेजने जा रहा है। इसके अलावा साल 2003 की वोटर लिस्ट में यूपी के 1.04 करोड़ वोटरों का मिलान नहीं हो सका है। इन सबको भी नोटिस जाएगा। ऐसे में अगर आप उपरोक्त दोनों श्रेणी में से किसी एक में आते हैं, तो आपको भी नोटिस भेजकर सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है।
यूपी चुनाव आयोग प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में ऐसे वोटरों की पहचान कर चुका है। सभी को नोटिस भेजने के बाद पहली सुनवाई 21 जनवरी को की जाएगी। नोटिस भेजकर जिन वोटरों को तलब किया जा रहा है, उनकी सुनवाई 3793 स्थलों पर होगी। ऐसे वोटरों की सुनवाई 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अफसर और 8751 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अफसर करेंगे। नोटिस भेजकर सुनवाई करने का सिलसिला 6 फरवरी तक चलेगा। जिसके बाद 6 मार्च को यूपी की फाइनल वोटर लिस्ट आएगी। अगर आपके पास भी चुनाव आयोग का नोटिस आता है, तो अपने माता-पिता, दादा-दादी वगैरा के बारे में सबूत देना होगा कि वे भारत के नागरिक रहे हैं।
इस बीच, यूपी में एसआईआर के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में महिलाओं की संख्या घटी है। एसआईआर से पहले यूपी में प्रति 1000 पुरुषों पर 877 महिला वोटर थीं। एसआईआर के बाद जारी लिस्ट के हिसाब से अब हर 1000 पुरुष वोटर पर महिलाओं की संख्या घटकर 824 रह गई है। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक एसआईआर से पहले 25 साल और इससे ज्यादा उम्र की 71.18 लाख महिलाएं ऐसी थीं, जिनके नाम के साथ पिता का नाम वोटर लिस्ट में था। इनमें से 42.13 लाख महिलाओं के नाम कटे। बताया जा रहा है कि महिलाओं के नाम मायके और ससुराल वाले दोनों जगह थे। एसआईआर से पहले यूपी के शहरों में 4.16 करोड़ वोटर थे। अब 2.99 करोड़ बच गए हैं। यूपी के ग्रामीण इलाकों में पहले 11.28 करोड़ वोटरों के नाम दर्ज थे। एसआईआर के बाद अब इनकी संख्या 9.56 करोड़ ही रह गई है।
