राष्ट्रगान के अपमान पर तमिलनाडु के राज्यपाल हुए नाराज, विधानसभा में अभिभाषण छोड़कर बाहर निकले
नई दिल्ली। तमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि और डीएमके सरकार के बीच एक बार फिर विवाद हो गया है। राज्यपाल ने राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया और अभिभाषण दिए बिना ही विधानसभा से बाहर निकल गए। दरअसल तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष से राज्यपाल ने मांग की थी कि तमिल एंथम के बाद सदन में राष्ट्रगान बजाया जाए मगर उनकी इस मांग को स्पीकर एम. अप्पावु ने नहीं माना, इसी बात से नाराज होकर राज्यपाल ने वॉकआउट कर दिया। राज्यपाल ने कहा कि मुझे इस बात का बहुत दु:ख है कि राष्ट्रगान को सम्मान नहीं दिया जा रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि मैं अपनी जिम्मेदारियों से अच्छी तरह वाकिफ हूं मगर राष्ट्रगान को सम्मान बहुत जरूरी है। इस संबंध में तमिलनाडु लोक भवन की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई है। इसमें कहा गया है, विधानसभा में राज्यपाल का माइक बार-बार बंद किया गया और उन्हें बोलने नहीं दिया गया। दलितों के खिलाफ अत्याचार और दलित महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा में तेजी से वृद्धि हो रही है। हालांकि, भाषण में इसे पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। राष्ट्रगान का एक बार फिर अपमान किया गया है और मौलिक संवैधानिक कर्तव्य की अवहेलना की गई है।
आपको बता दें कि यह तीसरी बार है जब राज्यपाल ने विधानसभा का बहिष्कार किया है। इससे पहले साल 2024 और 2025 में भी उन्होंने सदन में अपना अभिभाषण नहीं दिया था। वहीं इस मामले में तमिलनाडु विधानसभा के स्पीकर अप्पावु की ओर से भी प्रतिक्रिया दी गई है। स्पीकर ने पूरे मामले में सफाई देते हुए कहा कि विधानसभा में सिर्फ विधायकों को अपने विचार साझा करने की अनुमति होती है। कोई और अपने विचार सदन में नहीं थोप सकता। सरकार ने राज्यपाल के अभिभाषण की तैयारी की थी, मगर वो बिना भाषण दिए ही सदन से बाहर चले गए।
