आईआईटी कानपुर में पीएचडी छात्र ने की आत्महत्या, बिल्डिंग से कूदकर दे दी जान, एक महीने के अंदर दूसरी घटना
नई दिल्ली। आईआईटी कानपुर में आज दोपहर एक पीएचडी स्कॉलर छात्र ने आत्महत्या कर दी। कॉलेज की बिल्डिंग की दूसरी मंजिल से कूदकर उसने जान दे दी। मृतक छात्र रामस्वरूप इशराम मूल रूप से राजस्थान के चुरू का रहने वाला था और यहां आईआईटी कैंपस में वो अपनी पत्नी और बच्ची के साथ रहता था। कैंपस के न्यू एसबीआरए बिल्डिंग में यह घटना हुई। घटना के बाद छात्र को तुरंत पास के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है और पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस मृतक की पत्नी से भी पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में यह पता चला है कि छात्र रामस्वरूप पिछले कुछ समय से डिप्रेशन का शिकार था। उधर, छात्र की आत्महत्या की वजह से कैंपस में अन्य स्टूडेंट्स काफी सहमे हुए हैं। पिछले एक महीने से भी कम समय के अंदर कैंपस में छात्र के द्वारा आत्महत्या किए जाने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 29 दिसंबर को राजस्थान के ही रहने वाले एक छात्र जयसिंह मीणा ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। हॉस्टल के कमरे में उसका शव लटका हुआ मिला था। फांसी लगाने से पहले उसने अपने हाथ की नसें भी काट ली थी।
आज की घटना को मिलाकर पिछले 26 महीनों में आईआईटी कानपुर के 9 छात्र-छात्राओं के द्वारा आत्महत्या की गई है। यह बहुत ही चौंकाने वाला और चिंताजनक मामला है। हालांकि आत्महत्या के ज्यादातर मामलों में स्टूडेंट्स के डिप्रेशन में होने की बात सामने आई है। आखिर ऐसी क्या वजह है जो स्टूडेंट्स इतनी मेहनत करके आईआईटी जैसे संस्थान में दाखिला पाते हैं और फिर अचानक अपनी जीवनलीला समाप्त कर लेते हैं। इस विषय में गंभीरता से विचार करने और छात्रों को ऐसी परिस्थितयों से निकालने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
