जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे की हत्या करने वाले को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
नई दिल्ली। जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे की हत्या करने वाले को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इससे पहले नारा जिला कोर्ट के समक्ष हत्यारोपी तेत्सुया यामागामी ने अपना जुर्म कबूल किया था। हालांकि बचाव पक्ष ने दोषी की सजा को 20 साल किए जाने की अपील की जिसे कोर्ट ने नहीं माना। शिंजो आबे की साल 2022 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिस वक्त आबे को गोली मारी गई वो पश्चिमी जापान के नारा शहर में एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। शिंजो आबे की हत्या से जापान के लोगों को गहरा सदमा लगा था।
आबे पर हमला करने वाले तेत्सुया यामागामी ने कोर्ट में कहा था कि उसने आबे द्वारा चर्च से जुड़े एक संगठन को भेजे वीडियो संदेश के बाद उनको निशाना बनाया। यामागामी ने कोर्ट को बताया था कि उसने विवादित यूनिफिकेशन चर्च के प्रति गहरी नफरत के चलते आबे पर हमला किया। इस घटना के बाद जापान की तत्कालीन सत्तारूढ़ पार्टी लिबरल डेमोक्रेटिक और यूनिफिकेशन चर्च के बीच रिश्तों को लेकर भी सवाल उठे थे। हालांकि राजनीतिक दल ने इन आरोपों से किनारा कर लिया था। इस हत्याकांड के बाद चर्च की टैक्स छूट समाप्त कर दी गई थी और उसे भंग करने का आदेश दिया गया था।
बता दें कि जापान के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल शिंजो आबे लंबे समय तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे। जापान ही नहीं विश्व में उनकी पहचान थी। शिंजो आबे के निधन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताते हुए कहा था मैंने अपना एक प्रिय दोस्त खो दिया है। शिंजो आबे न सिर्फ जापान की एक महान विभूति थे, बल्कि विशाल व्यक्तित्व के धनी एक वैश्विक राजनेता थे। भारत-जापान की मित्रता के वे बहुत बड़े हिमायती थे। मोदी ने शिंजो आबे के साथ अपनी बहुत सी तस्वीरों को भी सोशल मीडिया पर शेयर किया था।
