आईसीसी की चेतावनी के बावजूद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का हठ जारी, फिर बोला- भारत में नहीं खेलने के रुख पर कायम
ढाका। आईसीसी ने 14-2 वोटों के अंतर से फैसला किया है कि बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप के मैच भारत में ही खेलने होंगे, लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने आईसीसी की चेतावनी को इसके बाद भी दरकिनार कर दिया है। बीसीबी के चीफ अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने आईसीसी की तरफ से चेतावनी मिलने के बाद कहा कि वो बांग्लादेश सरकार पर दबाव नहीं बनाना चाहते, लेकिन भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में खेलने के बारे में उनका रुख नहीं बदला है।
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के मैच 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका में होने हैं। बांग्लादेश के चार मैच हैं और ये सभी भारत में हैं। बीसीबी का कहना है कि बांग्लादेश के क्रिकेटरों को भारत में खतरा है। इस वजह से उसके चारों मैच श्रीलंका में कराए जाएं। बीसीबी ने आईसीसी से ये मांग की थी। आईसीसी ने मंगलवार को बैठक कर बांग्लादेश की मांग पर विचार किया। जिसके बाद वोटिंग हुई। जिसमें बांग्लादेश के पक्ष में सिर्फ पाकिस्तान खड़ा हुआ। आईसीसी में शामिल बाकी 14 देशों के प्रतिनिधियों ने बांग्लादेश की मांग के खिलाफ वोट दिया। इसके बाद आईसीसी ने बीसीबी से कहा था कि वो भारत में खेलने या न खेलने के बारे में 24 घंटे में फैसला करे। आईसीसी ने कहा है कि अगर बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप के मैच भारत में नहीं खेलेगा, तो उसकी जगह किसी और टीम को चुना जाएगा।
आईसीसी से इस बारे में जानकारी मिलने के बाद बीसीबी चीफ अमीनुल ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल से मुलाकात की। अमीनुल और आसिफ के बीच बैठक में तय हुआ कि भारत में टी20 वर्ल्ड कप के मैच खेलने या न खेलने के बारे में क्रिकेटरों से भी चर्चा की जाएगी। आसिफ से मुलाकात के बाद बीसीबी चीफ ने कहा कि आईसीसी से वो मिरेकल की आशा करते हैं। अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने कहा कि कौन वर्ल्ड कप नहीं खेलना चाहता, लेकिन हम जानते हैं कि हमारे लिए भारत सुरक्षित नहीं है। इस वजह से श्रीलंका में खेलना चाहते हैं। इससे पहले बांग्लादेश के स्टार क्रिकेटर नजमुल हुसैन शांतो ने कहा था कि बीसीबी ने भारत में न खेलने का फैसला क्रिकेटरों से बात किए बिना किया।
