नई दिल्ली। केरल दौरे पर आज तिरुवनंतपुरम पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए लेफ्ट पार्टियों एलडीएफ और यूडीएफ पर जमकर निशाना साधा। मोदी ने केरल की जनता से कहा कि जो अब तक नहीं बदला, वह अब बदलेगा। तिरुवनंतपुरम पूरे देश के लिए एक मॉडल सिटी बनेगा। मैं तिरुवनंतपुरम को भारत के सबसे श्रेष्ठ शहरों में शामिल करने के लिए पूरी तहर प्रतिबद्ध हूं। आने वाले चुनाव केरल की दशा और दिशा को बदलने का चुनाव है। जब केरल के भविष्य की बात आती है तो आपने अब तक दो पक्ष ही देखे हैं, एलडीएफ और यूडीएफ। इन दोनों ने बारी बारी से केरल को तबाह किया है। एलडीएफ और यूडीएफ ने केरल को करप्शन, कुशासन की खतरनाक राजनीति में झोंक दिया है।
मोदी ने कहा, एलडीएफ और यूडीएफ इन दोनों के झंडे अलग हैं, सिंबल अलग हैं, लेकिन उनकी राजनीति और एजेंडा एक ही है। झंडा अलग है, एजेंडा एक है- फुल करप्शन, जीरो एकाउंटिबिलिटी, फुल कम्युनलिजम जीरो रेस्पॉन्सिबिलिटी। एलडीएफ और यूडीएफ को पता है कि हर 5 या 10 साल में उन्हें ही मौका मिलता है, इसीलिए यहां सरकार तो बदलती है लेकिन सिस्टम वही रहता है। अब, आपको सही मायने में नई सरकार बनानी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि त्रिपुरा में 30 सालों से लेफ्ट की सरकार चल रही थी। वहां की जनता ने उनसे तंग आकर बीजेपी को मौका दिया और आज बीजेपी की दोबारा सरकार चल रही है, का नामोनिशान नहीं बचा है। कारण, यह तो मिली भगत थी वो बीजेपी के सत्ता में आने के बाद खत्म हो गई।
बंगाल का उदाहरण देते हुए मोदी बोले, कहा कि बंगाल में लेफ्ट ने 35-40 साल तक राज किया था, वहां सरकार बदली और उसने वामपंथियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, परिणाम यह हुआ कि अब बंगाल में लेफ्ट वालों को चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। लेकिन केरल में ऐसा नहीं होता, क्योंकि वहां एलडीएफ और यूडीएफ की मिली भगत है, पांच साल तुम सत्ता में बैठो, फिर अगले पांच साल हम शासन करेंगे, न हम तुम्हें परेशान करेंगे, न तुम हमें परेशान करोगे। अगर केरल को बचाना है, आगे बढ़ाना है तो एलडीएफ-यूडीएफ की जोड़ी को तोड़ना होगा और परिवर्तन लाना ही होगा।
