February 16, 2026

Hind foucs news

hindi new update

भारतीयों के लिए बुरी खबर, अमेरिका के टेक्सास राज्य ने एच1बी वीजा पर लगाई इतने दिन की रोक

टेक्सास। अमेरिका में एच1बी वीजा लेकर काम करने के इच्छुक भारतीयों के लिए बुरी खबर है। अमेरिका के टेक्सास राज्य के गवर्नर ग्रेग अबॉट ने अपने यहां की सभी एजेंसियों और यूनिवर्सिटीज को 2027 तक नए एच1बी वीजा के लिए आवेदन देने से रोकने का आदेश जारी किया है। टेक्सास के गवर्नर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ही रिपब्लिकन पार्टी से है। इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने कहा था कि वो एच1बी वीजा देने की प्रक्रिया में बदलाव कर रहा है।

टेक्सास के गवर्नर अबॉट का कहना है कि अस्थायी रोक लगाने से एच1बी वीजा देने के लिए कानूनी सुरक्षा ढांचा तैयार किया जा सकेगा। गवर्नर ने ये भी कहा है कि अगर ट्रंप प्रशासन एच1बी वीजा संबंधी सुधार लाना करना चाहता है, तो उनको समझने और लागू करने के लिए भी वक्त मिल जाएगा। टेक्सास के गवर्नर ग्रेग अबॉट और रिपब्लिकन पार्टी के अन्य नेताओं का आरोप है कि एच1बी वीजा का दुरुपयोग हो रहा है। उनका कहना है कि नौकरी देने वाले कई संस्थान एच1बी वीजा का इस्तेमाल कम वेतन पर काम करने वाले विदेशी नागरिकों को लेने के ले कर रहे हैं। जिससे अमेरिका लोगों के रोजगार के मौके प्रभावित हो रहे हैं।

अमेरिका में आव्रजन सेवा ने सितंबर 2025 में बताया था कि टेक्सास की यूनिवर्सिटीज में से सबसे ज्यादा एच1बी वीजा वाले डलास स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास साउथ-वेस्टर्न मेडिकल सेंटर में हैं। यहां कुल 23000 में से 228 कर्मचारी एच1बी वीजा पर काम करते हैं। वहीं, टेक्सास एएंडएम यूनिवर्सिटी में एच1बी वीजा पर 214, ह्यूस्टन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एमडी एंडरसन कैंसर सेंटर में 171, ऑस्टिन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास में 169 और लुब्बॉक स्थित टेक्सास टेक यूनिवर्सिटी में 143 एच1बी वीजा वाले काम करते हैं। एच1बी वीजा के तहत अमेरिकी कंपनियां और संस्थान विशेष कौशल वाले विदेशियों को नौकरी दे सकते हैं। इस वीजा का सबसे ज्यादा फायदा भारतीय टेक्नोक्रेट्स को होता है। एच1बी वीजा तीन साल के लिए वैध होता है। जिसे और तीन साल बढ़ाया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *