यूपी के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को भी राज्य कर्मचारियों की तरह कैशलेस इलाज की मिलेगी सुविधा: सीएम योगी आदित्यनाथ
लखनऊ। यूपी में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के हित में सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला हुआ है। सीएम योगी की कैबिनेट ने यूपी के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और अन्य स्टाफ को भी राज्य कर्मचारियों की तरह कैशलेस इलाज की सुविधा देने का फैसला किया है। इस फैसले का फायदा यूपी के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले करीब 12 लाख शिक्षकों को मिलेगा। आयुष्मान भारत के तहत शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। अब सरकारी स्कूलों के शिक्षामित्रों, शिक्षकों, अनुदेशक और रसोइया को कैशलेस इलाज का लाभ होगा।
योगी सरकार कैशलेस इलाज के मद में 358.61 करोड़ रुपए खर्च करेगी। योगी आदित्यनाथ कैबिनेट की बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा मंजूर की गई। इससे करीब 3 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने में यूपी की योगी सरकार 89.25 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इस योजना का फायदा माध्यमिक शिक्षा विभाग के उन कर्मचारियों को ही मिलेगा, जिनको आयुष्मान जैसी किसी और योजना का फायदा न मिल रहा हो। योगी सरकार ने शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा संशोधित विकास शुल्क लागू करने, नक्शा पास कराने की प्रक्रिया सरल करने, बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और प्लेनेटेरियम स्थापना का भी फैसला हुआ।
योगी कैबिनेट ने यूपी के आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए सरकारी आवास और जमीन का पट्टा देने को भी हरी झंडी दिखाई है। आपदा प्रभावित ये परिवार बहराइच जिले के परतापुर और अन्य गांवों के हैं। इन सभी गांवों के 136 परिवारों को जमीन और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान देने का फैसला हुआ है। साथ ही आपदा प्रभावित परिवारों को खेती के लिए जरूरी जमीन का पट्टा भी योगी सरकार देगी। योगी कैबिनेट में 32 प्रस्ताव आए थे। जिनमें से 14वें और 17वें प्रस्ताव पर कोई फैसला नहीं हुआ।
