लैंड फॉर जॉब घोटाला मामले में 9 मार्च से नियमित सुनवाई के आदेश, कोर्ट ने लालू परिवार को व्यक्तिगत पेशी से दी छूट
नई दिल्ली। लैंड फॉर जॉब घोटाला मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। इस घोटाले के अरोपी पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश हुए। वहीं लालू की दो बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में मौजूद रहीं। मीसा और हेमा ने खुद का बचाव करते हुए उन पर लगाए गए आरोपों को खारिज किया। कोर्ट ने इस मामले में 9 मार्च से नियमित सुनवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं। साथ ही लालू परिवार को व्यक्तिगत पेशी से राहत दी है।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव को 1 फरवरी से 25 फरवरी के बीच औपचारिक रूप से आरोप तय किए जाने संबंधी सुनवाई के दौरान कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट दे दी है। इसी साल 9 जनवरी को अदालत ने लालू उनकी पत्नी, दोनों बेटों, दो बेटियों समेत कुल 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। वहीं 52 लोगों को इस मामले में बरी कर दिया गया था। अदालत ने माना था कि प्रथम दृष्टया जमीन के बदले नौकरी देने की साजिश के संकेत मिल रहे हैं।
कोर्ट ने यह भी कहा था कि लालू यादव और उनके परिवार ने एक आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम किया। यह घोटाला रेलवे में ग्रुप डी की भर्तियों से जुड़ा है। साल 2004 से 2009 के बीच लालू यादव जब यूपीए सरकार में केंद्रीय रेल मंत्री के पद पर आसीन थे तब रेलवे में जो ग्रुप डी की भर्तियां निकाली गईं ऐसा आरोप है कि अभ्यर्थियों को नौकरी देने के बदले उनकी पैतृक जमीन बहुत ही कम दामों पर ले ली गई। एबी एक्सपोर्ट्स और एके इन्फोसिस्टम्स नाम की दो कंपनियों के जरिए जमीनों का हस्तांतरण किया गया था और बाद में इन कंपनियों को लालू के परिजनों के नाम ट्रांसफर कर दिया गया था।
