फ्रांस से बड़ी तादाद में स्कैल्प क्रूज मिसाइल खरीदेगा भारत, ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को गहरा जख्म दे चुका है ये हथियार
नई दिल्ली। कुछ दिन बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों भारत दौरे पर आने वाले हैं। मैक्रों के दौरे से ठीक पहले फ्रांस से रक्षा सौदा संबंधी बड़ी खबर आई है। जानकारी के मुताबिक भारत ने फ्रांस से बड़े पैमाने पर स्कैल्प क्रूज मिसाइल खरीद का फैसला किया है। करीब 3200 करोड़ रुपए की कीमत से फ्रांस से स्कैल्प क्रूज मिसाइल का सौदा होगा। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में स्कैल्प क्रूज मिसाइलों का सफल इस्तेमाल किया था। जानकारी के मुताबिक फ्रांस से लिए जाने वाले स्कैल्प क्रूज मिसाइल भारतीय वायुसेना और नौसेना इस्तेमाल करेगी।
भारतीय वायुसेना के पास फ्रांस में बने 36 राफेल विमान हैं। वहीं, भारत के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत के लिए भारत ने 26 राफेल एम विमानों का ऑर्डर फ्रांस को दिया है। जानकारी के मुताबिक इन राफेल विमानों में लगाने के लिए स्कैल्प मिसाइल खरीद को जल्दी ही डिफेंस एक्यूजिशन काउंसिल (डीएसी) की मंजूरी मिलेगी। जिसके बाद रक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी से मंजूरी दी जाएगी और फिर फ्रांस को स्कैल्प क्रूज मिसाइल खरीदने का ऑर्डर दिया जाएगा। स्कैल्प क्रूज मिसाइल सुपरसोनिक है। यानी ये आवाज से तेज गति से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती है। पाकिस्तान में जब आतंकी संगठनों के ठिकानों और एयरबेस के खिलाफ स्कैल्प मिसाइलें दागी गईं, तो दुश्मन इनको नष्ट तक नहीं कर सका।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के भारत दौरे के वक्त और 114 राफेल विमानों का सौदा भी होने की संभावना है। डीएसी इस सौदे को भी हरी झंडी दिखाने वाली है। इन नए राफेल में से 12 से 18 विमान फ्रांस से बनकर आएंगे। बाकी राफेल विमान भारत में ही बनाए जाएंगे। ये सौदा होने के बाद भारत के पास अगले 10 से 15 साल में 150 के करीब राफेल विमान हो जाएंगे। भारतीय वायुसेना को इससे बड़ी ताकत मिलेगी, क्योंकि इन विमानों ने विपरीत हालात में भी अच्छा प्रदर्शन कर दिखाया है। भारतीय वायुसेना के स्क्वॉड्रन की संख्या 42 होनी चाहिए। जबकि, अभी इससे काफी कम है। राफेल और तेजस लड़ाकू विमानों से इस कमी को पूरा किया जाना है।
