‘यूरेनियम का संवर्धन जारी रखेंगे’, बोले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची; अमेरिका से तनाव बढ़ने के आसार
तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खत्म होने की जगह और बढ़ने के आसार दिख रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि उनका देश यूरेनियम का संवर्धन जारी रखेगा। इसी मुद्दे पर अमेरिका से ईरान की ठनी हुई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मांग है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन रोके और परमाणु कार्यक्रम को बंद कर दे। ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच बीते दिनों इस मसले पर बातचीत हुई थी, लेकिन अब अब्बास अरागची के बयान से साफ है कि परमाणु मुद्दे पर ईरान किसी तरह का समझौता नहीं करने वाला है।
राजनयिकों से बातचीत में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि उनका मानना है ईरान की ताकत का राज दूसरों की दादागीरी, दबदबा कायम करने और किसी दबाव के खिलाफ खड़े होने की उसकी काबिलियत में है। अरागची ने कहा कि वे हमारे परमाणु बम से डरते हैं। जबकि, हम परमाणु बम नहीं बना रहे। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि हमारा परमाणु बम ताकतवर देशों को ना कहने की शक्ति है। उन्होंने कहा कि ईरान की ताकत का राज बड़ी ताकतों को ना कहने की ताकत में है। ईरान की सरकार लगातार ये कहती रही है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है। जबकि, अमेरिका, यूरोपीय देश और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) का कहना है कि साल 2003 तक ईरान ने परमाणु बम बनाने की योजना चलाई थी।
इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका से हुई बातचीत को एक कदम आगे बढ़ना बताया था। जबकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची का परमाणु मुद्दे पर बयान आगे की चुनौतियों को बता रहा है। वहीं, अमेरिका भी ईरान पर दबाव बनाए हुए है। ट्रंप के आदेश पर अमेरिका की नौसेना का विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और अन्य जहाज खाड़ी के इलाके में तैनात हो चुके हैं। ट्रंप इससे पहले कई बार कह चुके हैं कि ईरान के खिलाफ अमेरिका सैन्य कार्रवाई भी कर सकता है। इसके बदले में ईरान की सेना ने लाल आंख दिखाई थी और कहा था कि अगर हमला हुआ, तो पूरा इलाका युद्ध की जद में आएगा।
