February 15, 2026

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सभी विशेष सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के इन छह अंतरों का होगा गायन या वादन, जानिए मोदी सरकार ने क्या-क्या नियम बनाए

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होनने पर सभी विशेष सरकारी कार्यक्रमों में इसका गायन या वादन जरूरी कर दिया है। अब ऐसे कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के छह अंतरों का गायन या वादन किया जाएगा। इसके लिए 3 मिनट 10 सेकंड की अवधि तय की गई है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी नए नियम के मुताबिक राष्ट्रीय ध्वज फहराने, राष्ट्रपति और गवर्नरों के आगमन और प्रस्थान और राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में वंदे मातरम् की प्रस्तुति जरूरी की गई है।

ऋषि की उपाधि प्राप्त बंकिम चंद्र चटर्जी ने वंदे मातरम् गीत लिखा था। इसे उनके उपन्यास आनंद मठ में भी जगह दी गई। गृह मंत्रालय के नए नियम के मुताबिक वंदे मातरम् के गायन और वादन के दौरान उपस्थित लोगों को खड़ा रहना होगा। मंत्रालय ने ये भी कहा है कि देशभर के स्कूलों में हर दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत के गायन से होना चाहिए। नियमों के तहत औपचारिक राजकीय समारोहों में वंदे मातरम् का गायन या वादन होगा। सरकारी सम्मान समारोहों में भी इसे गाया या बजाया जाएगा। राष्ट्रीय ध्वज को परेड में ले जाने पर वंदे मातरम् का गायन या वादन होगा। किसी अन्य मौके पर भी विशेष आदेश के तहत वंदे मातरम् का गायन या वादन किया जाएगा। सबको वंदे मातरम् के छह अंतरे याद न होने के कारण इसकी लिखित प्रति भी उक्त अवसरों पर दी जाएगी।

गृह मंत्रालय की ओर से अब वंदे मातरम् के जिन छह अंतरा के गायन या वादन को जरूरी किया गया है, वो भी ध्यान से पढ़ लीजिए।

वन्दे मातरम्।
सुजलाम् सुफलाम् मलयजशीतलाम,
शस्यश्यामलाम् मातरम्। वन्दे मातरम्।

शुभ्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम्,
फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्,
सुहासिनीम् सुमधुरभाषिणीम्,
सुखदाम् वरदाम् मातरम्। वन्दे मातरम्।

कोटि-कोटि कण्ठ कल-कल निनाद करले,
कोटि-कोटि भुजैधृत खरकरवाले,
के बले मां तुमि अबले,
बहुबलधारिणीम् नमामि तारिणीम्,
रिपुदलवारिणीम् मातरम्। वन्दे मातरम्।

तुमि विद्या तुमि धर्म, तुमि हृदि तुमि मर्म,
त्वम् हि प्राण: शरीरे, बाहुते तुमि मां शक्ति,
हृदये तुमि मां भक्ति, तोमारई प्रतिमा गड़ि मन्दिरे-मन्दिरे।
वन्दे मातरम्।

त्वम् हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी,
कमला कमलदलविहारिणी,
वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्,
नमामि कमलाम् अमलाम् अतुलाम्,
सुजला सुफलां मातरम् । वन्दे मातरम्।

श्यामलाम् सरलाम् सुस्मिताम् भूषिताम्,
धरणीम् भरणीम् मातरम्। वन्दे मातरम्। 

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