जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ लीक मामले में दिल्ली पुलिस की जांच तेज, प्रकाशक पेंगुइन को भेजा नोटिस
नई दिल्ली। पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटायर्ड) मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के लीक होने की दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल जांच कर रही है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने केस दर्ज करने के बाद जनरल नरवणे की किताब फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी के प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस भेजकर तमाम सवालों के जवाब मांगे हैं। जनरल नरवणे की फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी प्रकाशित न होने के बावजूद इसके अंश एक मैगजीन में छपे थे। इन अंशों का उद्धरण राहुल गांधी ने लोकसभा में देने की कोशिश की थी। जहां नियमों का हवाला देते हुए उनको ऐसा नहीं करने दिया गया। जिसके बाद सियासत गर्माई हुई है।
राहुल गांधी को जब लोकसभा में फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी के छपे अंशों का उद्धरण नियमों के तहत नहीं देने दिया गया, तो 4 फरवरी को उन्होंने संसद भवन परिसर में जनरल नरवणे की इस अप्रकाशित किताब को दिखाकर कहा था कि इसे वो पीएम नरेंद्र मोदी को देंगे। उसके बाद लोकसभा में काफी हंगामा हुआ। कांग्रेस की महिला सदस्यों ने पीएम मोदी की सीट की घेराबंदी की थी। जिसके कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पीएम मोदी को सदन में आकर राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब न देने के लिए कहा। इससे विवाद और गहरा गया। जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी के न छपने के बावजूद ऑनलाइन ये उपलब्ध हो गई।
इसका दिल्ली पुलिस ने संज्ञान लिया और स्पेशल सेल को जांच सौंप दी। स्पेशल सेल ये जांच कर रही है कि अप्रकाशित किताब किस तरह लीक हुई और इससे किन कानूनों का उल्लंघन हुआ। वहीं, पेंगुइन इंडिया ने बयान जारी कर कहा था कि जनरल नरवणे की फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी अभी छपी ही नहीं है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल पता लगा रही है कि बिना छपी फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी की कॉपी ऑनलाइन कैसे लीक हुई, इसमें किन लोगों और संस्थाओं की भूमिका है। जांच पूरी होने के बाद दिल्ली पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी। वहीं, कर्नाटक के बीजेपी कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने भी दिल्ली पुलिस से राहुल गांधी की शिकायत की है। बीजेपी कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर में किताब दिखाकर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट का उल्लंघन किया है। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
