ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई ने अमेरिकी जंगी बेड़े को समुद्र में डुबोने की दी धमकी
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देश बातचीत के साथ एक दूसरे को धमकी भी दे रहे हैं। अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी को काफी बढ़ा दिया है और 50 से ज्यादा लड़ाकू विमान तैनात किए गए हैं, जिसके बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई ने अमेरिका के जंगी बेड़े को समुद्र में डुबोने की धमकी दी है। खामनेई ने कहा कि अमेरिका लगातार कहता है कि उसने ईरान की ओर युद्धपोत भेजा है। युद्धपोत एक खतरनाक सैन्य उपकरण है लेकिन उससे ज्यादा खतरनाक वह हथियार है जो उस युद्धपोत को समुद्र की तलहटी में भेज सकता है।
खामनेई का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब मंगलवार को ही ओमान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच तेहरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर जिनेवा में दूसरे दौर की वार्ता हुई। हालांकि इस बातचीत को दोनों ही देशों ने सकारात्मक बताया है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का कहना है कि वार्ता में प्रगति तो हुई है, मगर अभी भी बहुत से विषयों पर चर्चा बाकी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ लाल रेखाएं तय की हैं, जिन्हें ईरान फिलहाल स्वीकार करने और उन पर काम करने के लिए तैयार नहीं है।
वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जेनेवा में राज्य टीवी से कहा, हम एक सेट ऑफ गाइडिंग प्रिंसिपल्स पर सामान्य समझौते तक पहुंचने में सफल रहे हैं, जिनके आधार पर हम अब आगे बढ़ेंगे, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हम जल्दी अंतिम समझौते तक पहुंच जाएंगे, लेकिन रास्ते की शुरुआत हो गई है। आपको बता दें कि इससे पहले भी जब ट्रंप ने ईरान की ओर अमेरिकी जंगी बेड़े भेजने की बात कही थी उसके बाद ईरान की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया था कि अगर हमला हुआ तो मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ईरान निशाना बनाएगा।
