67 साल में पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची जम्मू कश्मीर की टीम, अब कर्नाटक से होगी भिड़ंत
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की टीम ने बंगाल को हराकर रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली है। 67 साल में पहली बार जम्मू कश्मीर की टीम रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंची है। अब फाइनल में जम्मू कश्मीर और कर्नाटक की टीमों के बीच भिड़ंत होगी। जम्मू-कश्मीर ने सेमीफाइनल मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। बंगाल की टीम ने पहली पारी में 328 रन बनाए। वहीं जम्मू-कश्मीर की टीम पहली पारी में सिर्फ 302 रन ही बना सकी। इस तरह से बंगाल की टीम को 26 रनों की बढ़त मिल गई। हालांकि दूसरी पारी में बंगाल की टीम 99 रन पर ऑलआउट हो गई। जम्मू-कश्मीर ने दूसरी पारी में 126 रनों के टारगेट को पूरा कर जीत हासिल कर ली।
दूसरी पारी में जम्मू कश्मीर के खिलाड़ी वंशज शर्मा ने नाबाद 43 रनों की पारी खेली जबकि अब्दुल समद ने 27 गेंदों में शानदान 30 रन बनाए। आकिब नबी ने मैच में बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया। नबी ने दोनों पारियों में 110 रन देकर 12 विकेट लिए। हालांकि बंगाल के गेंदबाजों ने बढ़िया गेंदबाजी करते हुए मैच जीतने के लिए भरसक कोशिश की मगर जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाजों ने संयम बनाए रखा और 4 विकेट के नुकसान पर जीत को हासिल कर लिया। दो बार की रणजी ट्रॉफी विजेता रह चुकी बंगाल की टीम को हराकर जम्मू कश्मीर के खिलाड़ियों का हौसला बुलंद है। जम्मू कश्मीर के पास अब फाइनल जीतकर इतिहास रचने का मौका है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, ये पूरे टीम की कामयाबी है। टीम के साथ-साथ स्पोर्ट स्टाफ की भी, मैं उन सबको अपनी ओर से और जम्मू-कश्मीर की आवाम की ओर से मुबारकबाद पेश करता हूं और उम्मीद करता हूं कि वो दिन दूर नहीं है जब जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी भारत की टीम में अहम भूमिका अदा करते देखेंगे। फाइनल जीतने वाली टीम को 5 करोड़ रुपए का इनाम दिया जाएगा। वहीं जो टीम उपविजेता होगी उसे भी 3 करोड़ रुपए पुरस्कार में मिलेंगे। इससे पहले साल 2013-14 में जम्मू-कश्मीर की टीम लगभग एक दशक के बाद पहली बार नॉकआउट में पहुंची थी, हालांकि तब भी वो ट्रॉफी नहीं जीत पाई थी मगर अब जम्मू कश्मीर की टीम फाइनल में पहुंच तो ट्रॉफी जीतकर वो अपना नाम इतिहास में दर्ज करा सकती है।
