February 23, 2026

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पांच राज्यों और चार केंद्र शासित क्षेत्रों में चुनाव आयोग के एसआईआर के बाद 1.70 करोड़ से ज्यादा वोटरों के कटे नाम

नई दिल्ली। पांच राज्यों और चार केंद्र शासित क्षेत्रों में वोटरों के गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी हो गई है। चुनाव आयोग के मुताबिक फाइनल वोटर लिस्ट आने के बाद इन पांच राज्यों और चार केंद्र शासित क्षेत्रों में 1.70 करोड़ से ज्यादा वोटर कम हो चुके हैं। अभी तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और यूपी में एसआईआर के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी नहीं हुई है। इन सभी जगह के वोटर चुनाव आयोग की वेबसाइट eci.gov.in और ECINET एप पर EPIC नंबर डालकर चेक कर सकते हैं। इन सभी राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्र में काम कर रहे बीएलओ के पास भी फाइनल वोटर लिस्ट मौजूद है। उनसे संपर्क कर भी नाम चेक किया जा सकता है।

चुनाव आयोग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गोवा, केरल, पुदुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार में एसआईआर शुरू होने से पहले वोटरों की तादाद 21.45 करोड़ थी। फाइनल वोटर लिस्ट में वोटरों की संख्या घटकर 19.75 करोड़ के करीब रह गई है। गुजरात में 68.12 लाख वोटरों के नाम कटे हैं। इससे यहां वोटरों की संख्या 4.40 करोड़ रह गई है। एसआईआर से पहले गुजरात में 5.08 करोड़ वोटर थे। चुनाव आयोग के मुताबिक मध्य प्रदेश में 34.25 लाख वोटरों के नाम कटे हैं। यहां वोटरों की संख्या 5.74 करोड़ थी और अब 5.39 करोड़ हो गई है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान में 31.36 लाख वोटरों के नाम काटे गए हैं। वहीं एसआईआर के दौरान छत्तीसगढ़ में 24.99 लाख और केरल में 8.97 लाख वोटर के नाम कटे हैं। गोवा में एसआईआर के बाद आई फाइनल वोटर लिस्ट में 1.27 लाख वोटरों के नाम नहीं हैं। केंद्र शासित क्षेत्रों पुदुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार में भी वोटरों की तादाद घटी है। चुनाव आयोग अब अप्रैल में बाकी बचे राज्यों में एसआईआर कराने जा रहा है। इसके लिए इन सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में इस साल के अंत तक सभी राज्यों में एसआईआर पूरा हो जाने की उम्मीद है। एसआईआर से संबंधित विवाद पश्चिम बंगाल में हो रहा है। जहां सत्तारूढ़ टीएमसी ने चुनाव आयोग पर पात्र वोटरों के नाम काटने का आरोप लगाया है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल एसआईआर के लिए जिला जज स्तर के न्यायिक अफसरों को जिम्मेदारी दी है।

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