आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले में मुख्य आरोपी रिभव ऋषि समेत चार गिरफ्तार
नई दिल्ली। हरियाणा में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाला मामले एंटी करप्शन ब्यूरो ने मुख्य आरोपी रिभव ऋषि समेत चार लोगों अभय कुमार, स्वाति सिंगला और अभिषेक सिंगला को गिरफ्तार किया है। मंगलवार देर रात इन चारों की गिरफ्तारी हुई है। रिभव ऋषि पूर्व में बैंक मैनेजर रह चुका है और वर्तमान में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में कार्यरत था। आरोप है कि रिभव ने फर्जी कंपनियां बनाकर सरकारी धन के गबन की साजिश रची। इन सभी आरोपियों को रिमांड में लेने के बाद उनसे पूछताछ की जाएगी जिसके बाद इस घोटाले से जुड़े कई और राज सामने आएंगे।
हरियाणा सरकार से जुड़ी संस्थाओं के द्वारा बैंक खातों में दर्ज वास्तविक राशि और रिकॉर्ड में दर्ज राशि में विसंगति की शिकायत के बाद 590 करोड़ रुपए का यह घोटाला उजागर हुआ है। एसीबी इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पंचकूला की बजाय चंडीगढ़ की बैंक शाखाओं में खाते क्यों खुलवाए गए? जांच एजेंसी यह भी आशंका जता रही है कि कुछ बाहरी लोगों ने सरकारी विभागों में तैनात आईएएस अधिकारियों और खाता खोलने की स्वीकृति देने वाले अधिकारियों से संपर्क कर क्या उन्हें लालच दिया था कि वो संबंधित बैंक में विभाग का खाता खुलवाएं।
एंटी करप्शन ब्यूरो के अनुसार यह घोटाला बेहद सोची समझी रणनीति के तहत अंजाम दिया गया है। इसमें बैंक के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है और उनकी भी जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि बैंक के कुछ कर्मचारियों ने बाहर के लोगों के साथ मिलीभगत कर फर्जी चेक और अनधिकृत ट्रांजेक्शन से जरिए सरकारी विभागों के खातों से मनी ट्रांसफर की। इसके लिए फर्जी कंपनियां बनाई गईं और उन्हीं खातों में रकम डलवाई गई। वहीं हरियाणा सरकार का दावा है कि पूरा पैसा सुरक्षित है और उसे वापस ले लिया गया है। उधर, विपक्ष इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहा है।
