स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ सकती है मुश्किल!, बटुकों के यौन उत्पीड़न मामले में आई ये अहम जानकारी
प्रयागराज/वाराणसी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की कथित यौन उत्पीड़न मामले में मुश्किल बढ़ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित बटुकों की मेडिकल रिपोर्ट में जबरन यौन कृत्य होने की पुष्टि हुई है। बटुकों ने कोर्ट में अपने बयान भी दर्ज कराए हैं। जिसमें उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत अन्य के खिलाफ लगाए आरोपों को दोहराया है। दो बटुकों ने न्यूज चैनल आजतक से बातचीत में आरोप लगाया कि गुरु दीक्षा के नाम पर उनको प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने ये दावा भी किया कि पहले उनको दूसरे लोगों के सामने पेश किया जाता था। जिसके बाद आपत्तिजनक काम होता था।
बटुकों ने ये दावा भी किया है कि बिहार और राजस्थान से भी बच्चों को मठ में लाया जाता। उनका ये भी दावा है कि करीब 20 अन्य बटुकों का भी उत्पीड़न किया गया। उन्होंने चैनल से कहा कि ये बटुक डर और दबाव के कारण सामने नहीं आ रहे। बटुकों ने ये भी दावा किया कि मठ में प्रभावशाली और सफेदपोश लोग आते जाते थे। उनको देखकर पहचान लेंगे। वहीं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पलटकर ये सवाल उठाया है कि जब शिकायत करने वाले आशुतोष महाराज ही पुलिस के साथ हैं, तो जांच की पारदर्शिता पर शक होता है। इस मामले को आशुतोष महाराज कोर्ट ले गए थे। कोर्ट ने प्रयागराज के झूंसी थाने की पुलिस को केस दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अलावा उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी का नाम पुलिस ने एफआईआर में लिखा है। वहीं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ये दावा किया है कि शिकायत करने वाले आशुतोष महाराज पर करीब दो दर्जन केस दर्ज हैं। जबकि, आशुतोष महाराज ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस और मीडिया को इंटरव्यू देकर ये दावा किया कि कई केस में वो बरी हो चुके हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कथित यौन उत्पीड़न मामले में पॉक्सो कोर्ट की ओर से केस दर्ज कर जांच के आदेश के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा।
