ईरान के खिलाफ अब अपना तीसरा युद्धपोत यूएसएस जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश तैनात करने जा रहा अमेरिका
नई दिल्ली। ईरान के खिलाफ अमेरिका अब अपने तीसरा विमानवाहक युद्धपोत यूएसएस जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश को तैनात करने जा रहा है। बताया जा रहा है कि जल्द ही इसे रवाना किया जाएगा और उसके बाद यह युद्धपोत भी ईरान के खिलाफ अभियान में शामिल होगा। यूएसएस जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश पूर्वी भूमध्य सागर की ओर रवाना हो रहा है। इससे पहले यूएसएस अब्राहम लिंकन और यूएसएस जेराल्ड फोर्ड को अमेरिका तैनात कर चुका है। यूएसएस जेराल्ड फोर्ड स्वेज नहर पार कर रेड सी में प्रवेश कर चुका है। एक साथ तीन युद्धपोत की तैनाती से ईरान पर दबाव बनाने की अमेरिका की रणनीति है।
फॉक्स न्यूज की खबर के अनुसार, अमेरिका के इस नए स्ट्राइक ग्रुप में शामिल दर्जनों स्ट्राइक फाइटर्स के अलावा, इसके साथ तैनात गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर्स का इस्तेमाल भी ईरान के खिलाफ हमलों में किया जा सकता है। इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसकी ओर से दागी जा रही घातक बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिका का युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन 1000 किलोमीटर दूर चला गया है। हालांकि अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमान ने ईरान के इस दावे का खंडन करते हुए उसे निराधार बताया है।
अभी कुछ घंटों पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए दो टूक शब्दों में कहा था कि बिना शर्त सरेंडर करने के अलावा ईरान के साथ कोई डील नहीं होगी। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय पर आया था जब ईरान के उप विदेश विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा था कि अमेरिका और इजराइल के हमलों के खिलाफ अपने देश की रक्षा के लिए बहादुरी से लड़ने के अलावा हमारे पास अन्य कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा था कि हम आखिरी गोली और आखिरी सैनिक तक लड़ेंगे। वहीं इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नईनी ने कहा था जल्द ही ऐसे एडवांस्ड हथियार इस्तेमाल करेंगे जो अब तक इस युद्ध में देखे नहीं गए।
