स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर डोनाल्ड ट्रंप को जापान और ऑस्ट्रेलिया ने दिया झटका, नौसैनिक जहाज भेजने से इनकार
नई दिल्ली। ईरान से जारी जंग के बीच अमेरिका को जापान और ऑस्ट्रेलिया ने झटका दिया है। दरअसल ईरान के कंट्रोल वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज समुद्री मार्ग से दुनिया भर के देशों में लगभग 30 फीसदी तेल और ऊर्जा उत्पादों की सप्लाई होती है। ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाज गुजरने नहीं दे रहा है इस वजह से पूरी दुनिया में ऊर्जा आपूर्ति का संकट खड़ा हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर अपने मित्र देशों से मदद मांगते हुए नौसेना भेजने का आग्रह किया जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को एस्कॉर्ट करे मगर जापान और ऑस्ट्रेलिया ने ट्रंप का साथ देने से इनकार कर दिया है।
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा है कि हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए अपने नौसैनिक जहाज भेजने की कोई योजना नहीं है। फिलहाल जापान इस बात पर विचार कर रहा है कि स्वतंत्र रूप से कानूनन वो क्या कर सकता है। वहीं ऑस्ट्रेलिया की मंत्री कैथरीन किंग ने भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि उनका फोकस क्षेत्रीय सुरक्षा पर है। हालांकि उन्होंने यह कहा कि होर्मुज स्ट्रेट काफी महत्वपूर्ण है लेकिन वहां मदद के लिए उनका देश अपना कोई नौसैनिक जहाज नहीं भेजेगा। उधर, दक्षिण कोरिया ने कहा है कि वह इस बारे में विचार करेगा।
दक्षिण कोरिया का कहना है कि कोई भी कदम उठाने से पहले स्थिति की सावधानीपूर्वक समीक्षा की जाएगी। अमेरिका ने चीन से भी मदद मांगी है मगर फिलहाल चीन की ओर से भी फिलहाल कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ट्रंप ने कहा कि चीन अपनी जरूरत का सबसे ज्यादा तेल होर्मुज के रास्ते ही मंगाता है, इसलिए उसे इस रास्ते की रक्षा खुद करनी चाहिए। अमेरिका को इस मुद्दे पर फ्रांस से भी मदद मिलने की संभावना बहुत कम है।
