बिहार के सरकारी स्कूलों में वंदे मातरम् का गायन किया गया जरूरी, गर्मा सकती है सियासत
पटना। बिहार में सियासत के गर्माने के आसार हैं। बिहार सरकार के एक आदेश से राज्य में सियासत गर्मा सकती है। दैनिक जागरण अखबार की खबर के मुताबिक बिहार सरकार ने आदेश जारी किया है कि राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का गायन जरूर किया जाए। बिहार के मंत्रीमंडल सचिवालय विभाग से इस बारे में राज्य के सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, आयुक्तों, सभी जिलों के डीएम और एसपी को निर्देश भेजा गया है। ताकि इसे सभी सरकारी स्कूलों में लागू कराया जा सके।
बिहार सरकार ने आदेश में कहा है कि केंद्र सरकार ने 28 जनवरी 2026 को कहा था कि देशभर के स्कूलों में प्रेयर के दौरान हफ्ते में कम से कम एक दिन राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का गायन जरूरी होगा। इसके अलावा केंद्र सरकार ने सभी राष्ट्रीय पर्व, सरकारी कार्यक्रमों और अन्य खास कार्यक्रमों में भी वंदे मातरम् के गायन को जरूरी किया है। बिहार सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन के दौरान स्कूलों में सम्मान में खड़ा होना होगा। लापरवाही या राष्ट्रगीत के प्रति असम्मान को गंभीरता से देखा जाए।
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का मुस्लिम समुदाय विरोध करता है। मुस्लिम समुदाय की दलील है कि वंदे मातरम् में देवी की स्तुति की गई है। इस्लाम एकेश्वरवाद वाला धर्म है और एक ही ईश्वर को मुस्लिम मानते हैं। मुस्लिम समुदाय का कहना है कि वे अल्लाह छोड़ किसी और की न तो वंदना कर सकते हैं और न ही किसी और देवी-देवता के सामने सिर झुका सकते हैं। बिहार में 17.7 फीसदी मुस्लिम आबादी है। बिहार के किशनगंज समेत सीमांचल के कई जिले मुस्लिम बहुल हैं और इस समुदाय के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। ऐसे में वंदे मातरम् पर बिहार में सियासत गर्माने के आसार बन सकते हैं। लालू यादव की आरजेडी और कांग्रेस समेत ज्यादातर विपक्षी दल पहले ही वंदे मातरम् को जरूरी किए जाने पर सवाल खड़े करते रहे हैं।
