पेट्रोल और डीजल पर सरकार ने घटाई एक्साइज ड्यूटी, इस फैसले से आम जनता को क्या फायदा होगा?
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया युद्ध की वजह से कच्चे तेल महंगा होता जा रहा है। इस वजह से केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल से एक्साइज ड्यूटी कम करने का फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 0 कर दिया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि मोदी सरकार के पास दो विकल्प थे या तो अन्य सभी देशों की तरह भारत के नागरिकों के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि करे या फिर खुद इसका बोझ उठाएं जिससे भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से सुरक्षित रहें।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद से पिछले चार वर्षों से अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को निभाते हुए प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक बार फिर अपने वित्त पर बोझ उठाने का फैसला किया है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों के इस दौर में तेल कंपनियों के भारी नुकसान (पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर) को कम करने के लिए सरकार ने अपने कर राजस्व में भारी कटौती की है। साथ ही, पेट्रोल और डीजल की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में भारी वृद्धि के कारण निर्यात कर भी लगाया गया है और विदेशी देशों को निर्यात करने वाली किसी भी रिफाइनरी को निर्यात कर देना होगा।
पुरी ने कहा कि पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं जो लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं। परिणामस्वरूप, दुनिया भर में उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं। दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में कीमतों में लगभग 30%-50% की वृद्धि हुई है, उत्तरी अमेरिकी देशों में 30%, यूरोप में 20% और अफ्रीकी देशों में 50% की वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है, और हम ऊर्जा, सप्लाई चेन और जरूरी वस्तुओं से जुड़े हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में ईंधन, ऊर्जा और अन्य आवश्यक चीजों की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहे। हर संभावित चुनौती से निपटने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं।
