सीबीएसई ने छठी कक्षा से लागू किया त्रिभाषा फॉर्मूला, 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए भी ये अहम बदलाव हुआ
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने मौजूदा स्कूली सत्र से 9वीं और 10वीं में बदलाव किया है। सीबीएसई ने इस साल 6 से त्रिभाषा फॉर्मूला लागू किया है। इसके तहत अंग्रेजी को विदेशी भाषा रखा गया है। इस साल से सीबीएसई में छठी क्लास से अंग्रेजी के अलावा छात्रों को दो और भारतीय भाषाएं पढ़नी होंगी। नई शिक्षा नीति के तहत सीबीएसई ने ये बदलाव किया है। इसके अलावा सीबीएसई ने 9वीं और 10वीं क्लास के लिए गणित और विज्ञान में दो स्तरीय प्रणाली परीक्षा कराने का फैसला किया है। ये परीक्षा मानक और उन्नत गणित और विज्ञान की होंगी।
अमर उजाला अखबार ने सीबीएसई अधिकारी के हवाले से बताया कि सभी छात्र मानक गणित और विज्ञान की पढ़ाई करेंगे। जिसकी परीक्षा 80 नंबर की होगी। छात्र मानक और उन्नत विज्ञान और गणित में से एक या दोनों का उन्नत स्तर चुन सकेंगे। त्रिभाषा फॉर्मूला के तहत सीबीएसई ने ये भी तय किया है कि दो भाषाएं भारत की मूल रूप से होनी चाहिए। वहीं, अगर कोई छात्र विदेश में पढ़कर आया है और ऐसी भाषाओं को नहीं जानता, तो उसे छूट मिल सकती है। छठी कक्षा से त्रिभाषा फॉर्मूला शुरू करने पर 2031 की सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में इन तीन भाषाओं की परीक्षा हो सकेगी।
केंद्र की मोदी सरकार ने बच्चों को अपनी मातृभाषा सिखाने के लिए त्रिभाषा फॉर्मूला लागू किया है। बच्चे अपनी मातृभाषा की पढ़ाई भी कर सकेंगे। जिससे भारतीय भाषाओं का अस्तित्व बचा रहेगा। हालांकि, नई शिक्षा नीति में त्रिभाषा फॉर्मूला का तमिलनाडु में काफी सियासी विरोध हो रहा है। तमिलनाडु की डीएमके सरकार ने इसे राज्य में हिंदी थोपने का कदम बताया। हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि वो किसी राज्य के बच्चों पर हिंदी थोपना नहीं चाहता। अब सीबीएसई की तरफ से इस साल से त्रिभाषा फॉर्मूला लागू करने पर तमिलनाडु में सियासत फिर गर्मा सकती है। तमिलनाडु में इस महीने विधानसभा चुनाव भी हैं।
