सीजफायर के बाद क्या होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल लेगा ईरान?, सामने आई बड़ी जानकारी
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का गुजरना लगभग बंद हो गया था। होर्मुज से होकर ही कच्चे तेल और गैस के कुल कारोबार का 20 फीसदी होता रहा है। बीच में खबर आई थी कि ईरान ने होर्मुज से जहाजों को गुजरने देने के लिए टोल लेने का फैसला किया है। हालांकि, उस वक्त ईरान ने भारत समेत कुछ देशों के जहाजों को बिना किसी टोल के होर्मुज से गुजरने दिया। अब अमेरिका से सीजफायर के बाद मीडिया रिपोर्ट्स कह रही हैं कि आने वाले वक्त में होर्मुज से जहाजों के गुजरने पर सिर्फ ईरान ही नहीं, ओमान भी टोल लेने वाला है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीजफायर की शर्तों में ये भी शामिल है कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से ईरान और ओमान कुछ रकम लेंगे। अभी ये तय नहीं है कि ये रकम कितनी होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल लेकर ईरान युद्ध में क्षतिग्रस्त हुई सार्वजनिक संपत्ति का फिर से निर्माण करेगा। ये नहीं पता चला है कि होर्मुज पर टोल लगाने से मिली रकम का ओमान क्या करेगा। होर्मुज को ईरान और ओमान अपने समुद्री सीमा में मानते हैं। जबकि, बाकी देश होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग के तौर पर मान्यता देते हैं। होर्मुज पर टोल लगने से नया विवाद भी पैदा हो सकता है।
अमेरिका और इजरायल से युद्ध के दौरान ईरान ने भारत, रूस, चीन और पाकिस्तान समेत पांच देशों के जहाजों को होर्मुज से जाने की मंजूरी दी हुई थी। ईरान ने होर्मुज के आसपास खड़े कई जहाजों पर ड्रोन से हमले भी किए थे। जिससे दो भारतीय नाविकों की जान भी गई। होर्मुज को बंद करने से दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल और रसोई गैस का संकट भी खड़ा हुआ। अब ईरान ने सीजफायर की शर्तों के तहत होर्मुज को सभी देशों के लिए खोलने का फैसला किया है। हालांकि, ये सीजफायर दो हफ्ते के लिए ही है और अगर फिर अमेरिका से ईरान की जंग के आसार बने, तो होर्मुज फिर चोक हो सकता है।
