स्थानीय स्तर पर गुंडागर्दी…हिंदू वोटरों की एकजुटता समझ नहीं सके’, ममता बनर्जी के करीबी सांसद सौगत रॉय ने माना
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की टीएमसी बुरी तरह पराजित हुई है। टीएमसी की इस पराजय के बाद ममता बनर्जी जो भी दावे कर रही हों, लेकिन उनके करीबी पार्टी नेता ये मानने लगे हैं कि तमाम दिक्कतों के कारण पराजय हुई है। ममता के करीबी टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने न्यूज18 चैनल से बातचीत में माना कि स्थानीय स्तर पर गुंडागर्दी, पैसा उगाहने और सत्ता विरोधी लहर की वजह से पश्चिम बंगाल में पराजय हुई।
सौगत रॉय ने माना कि टीएमसी के बाहुबली स्थानीय स्तर पर दादागीरी करते थे। इसकी वजह से वोटर टीएमसी से दूर हुए। उन्होंने ये भी माना कि स्थानीय गुंडे उगाही करते थे और इससे टीएमसी के खिलाफ माहौल बना। ममता के करीबी सांसद ने कहा कि टीएमसी के नेता ये नहीं समझ सके कि सत्ता विरोधी लहर है। उन्होंने ये भी माना कि टीएमसी के खिलाफ हिंदू वोटर एकजुट हो गए। इसे भी टीएमसी का नेतृत्व समझ नहीं सका। सौगत रॉय ने कहा कि केंद्रीय बलों की सख्ती से चुनाव आमतौर पर शांतिपूर्ण हुए। ये पूछे जाने पर कि क्या चुनाव में पराजय के बारे में उनकी ममता बनर्जी से चर्चा हुई है? सौगत रॉय ने कहा कि अब तक नहीं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी को 294 सीट में से 206 पर जीत हासिल हुई है। जबकि, ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी सिर्फ 80 सीट ही हासिल कर सकी है। कांग्रेस को 2, हुमायूं कबीर की एजेयूपी को 2 और सीपीएम को 1 सीट ही मिली है। जबकि, 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव में ममता बनर्जी की टीएमसी को 213 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं, बीजेपी ने 77 सीट ही हासिल की थीं। पिछली बार बीजेपी के मुकाबले टीएमसी को मिले वोटों का प्रतिशत करीब 10 फीसदी ज्यादा था। इस बार बीजेपी ने टीएमसी से करीब 4.5 फीसदी ज्यादा वोट जुटा लिए। बीजेपी का सीएम 9 मई को गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर शपथ लेने जा रहा है। ये कार्यक्रम कोलकाता के उस ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा। जहां पीएम नरेंद्र मोदी ने लाखों की जनसभा की थी।
