दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामले में एनआईए ने दाखिल की 7500 पन्नों की चार्जशीट, 10 आरोपियों के नाम
नई दिल्ली। दिल्ली में पिछले साल नवंबर 2025 में हुए लाल किला ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 7500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में 10 आरोपियों के नाम हैं। पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट में एनआईए ने बताया है कि ब्लास्ट से जुड़े आरोपी अंसार गजवत-उल-हिंद नाम के आतंकवादी संगठन से जुड़े हुए थे। यह अलकायदा का सहयोगी संगठन माना जाता है। एनआईए के मुताबिक यह एक सुनियोजित आतंकी हमला था और इसका मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर उल नबी था जिसने इस आत्मघाती ब्लास्ट को अंजाम दिया था।
डा. उमर जम्मू कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला था और वह हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर भी रह चुका था। चार्जशीट में अन्य आरोपियों में आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, डा. मुजामिल शकील, डॉ. आदिल अहमद राथर, डा. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, शोएब, डा. बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार का नाम भी शामिल है। एनआईए को जांच में यह भी पता चला कि इन आतंकियों का नेटवर्क देश के अन्य हिस्सों में फैलाने की साजिश की भी योजना थी हालांकि समय रहते इनके मॉडयूल को भंडाफोड़ कर दिया गया। आपको बता दें कि लाल किला ब्लास्ट में 11 लोगों की मौत हुई थी जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे।
इस ब्लास्ट के तार फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से भी जुड़े थे। डा. मुजामिल और डा. शाहीन सईद भी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफेसर नौकरी कर रहे थे। डा. शाहीन मूल रूप से यूपी के लखनऊ की रहने वाली है। इस बात के बाद जो सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात सामने आई थी वो यह थी कि इसमें मुख्य आरोपी समेत कई अन्य डॉक्टर थे जो कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर आतंकी साजिश का हिस्सा बन गए। यह व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल था। इस केस से जुड़े फरार आरोपियों की तलाश में एनआईए लगातार छापेमारी कर रही है।
