बंगाल की शुभेंदु सरकार ने सीबीआई को दी छूट, जांच के लिए इजाजत की जरूरत नहीं
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सीबीआई को जांच करने की पूरी छूट देने का फैसला किया है। इसके तहत सीबीआई को किसी मामले की जांच के लिए सरकार की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि सीबीआई को यह छूट राज्य में तैनात केंद्रीय कर्मचारियों, केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) के कर्मियों से जुड़े मामलों की जांच करने के लिए मिली है। वहीं राज्य सरकार के कर्मचारियों से जुड़े भ्रष्टाचार मामलों की जांच के लिए सीबीआई को लिखित अनुमति लेनी होगी।
प्रदेश सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टैब्लिशमेंट (DSPE) एक्ट, 1946 की धारा 6 के तहत सीबीआई को यह अधिकार दिया गया है जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा। आपको बता दें कि ममता बनर्जी ने साल 2018 में सीबीआई को किसी भी मामले की जांच शुरू करने से पहले राज्य सरकार से अनुमति लेने को अनिवार्य बनाया था। अब नई सरकार ने पूर्व सरकार के फैसले को पलट दिया है। ममता बनर्जी के आदेश के बाद से सीबीआई को हर मामले की जांच के लिए राज्य सरकार से अलग से अनुमति लेनी पड़ती है मगर अब कुछ मामलों सीबीआई को जांच के लिए आम सहमति मिल गई है। सरकार के इस फैसले से भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच में तेजी आएगी। हालांकि केंद्र और राज्य कर्मचारियों से जुड़े मामलों के लिए अब अलग-अलग व्यवस्था लागू रहेगी।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल सरकार ने एक और बड़ा डिसीजन लेते हुए कोलकाता नगर निगम को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है और नगर आयुक्त को छह महीने तक या नव निर्वाचित पार्षदों के कार्यभार संभालने तक, जो भी पहले हो, तब तक के लिए प्रशासक नियुक्त किया है।
