दिल्ली

भारत की धरती धर्मशाला नहीं…राम कथा में बोले योगी आदित्यनाथ, लव और लैंड जिहाद के मामलों को लेकर किया सचेत

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नई दिल्ली। लखनऊ में राम कथा महोत्सव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रावण और उसके सौतेले भाई खर, दूषण का जिक्र करते हुए लव और लैंड जिहाद के मामलों से समाज को सचेत किया। रावण द्वारा माता जानकी के अपहरण की घटना की बात करते हुए योगी ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम से नारी गरिमा की रक्षा की सीख लेने का आह्वान किया। यूपी सीएम बोले, यह लव जिहाद की घटनाओं को रोकने के लिए आप सभी के सामने एक आदर्श उदाहरण हो सकता है। उन्होंने केरल उच्च न्यायालय के द्वारा 2009 और 2011 में व्यक्त की गई लव जिहाद चिंताओं का भी हवाला दिया। योगी ने कहा कि भारत के प्रति निष्ठा न रखने वालों के लिए भारत की धरती धर्मशाला नहीं हो सकती है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, हमें आश्चर्य होता है, केरल उच्च न्यायालय ने लव जिहाद पर 2009 और 2011 में चिंता व्यक्त की थी। लव जिहाद रिलिजियस डेमोग्राफी को बदलने की साजिश का एक हिस्सा है मगर तब भी हम उस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यूपी में 2020 में लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून बनाया। हमें सचेत रहना होगा। नकारात्मक ताकतें हर कालखंड में आएंगी लेकिन समाज को मिलकर इसके खिलाफ खड़े होना होगा। खर, भूषण, मारीच यह सब भी यहां लैंड जिहाद के अभियान से जुड़े थे। कोई भी जमीन खाली देखी उस पर अपना तंबू गाड़ दिया। उन आक्रांताओं के लिए जिनकी भारत के प्रति आस्था नहीं है, जो भारत के प्रति निष्ठा नहीं रखते, भारत के संस्कारों का सम्मान नहीं करते, उन लोगों के लिए भारत की धरती धर्मशाला नहीं हो सकती है।

यूपी सीएम बोले, जिसने भी प्रभु श्री राम को अपने जीवन का आदर्श बनाया, उसका कल्याण हुआ है। मारीच और रावण, उच्च कुल और श्रेष्ठ व्यवस्था में जन्म लेते हैं, लेकिन पशुवत मारे जाते हैं, क्योंकि प्रभु श्री राम के साथ द्रोह करते हैं। कोई भी ऐसा भारतीय नहीं जिसके अंदर भारत का डीएनए है और उसने किसी न किसी रूप में भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन का हिस्सा न बनाया हो।

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