हम तो नहीं जा रहे…टीएमसी के कांग्रेस में विलय की अटकलों पर ऋतब्रत बनर्जी का दो टूक जवाब
नई दिल्ली। ममता बनर्जी की पार्टी के बागी विधायक और पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि उनके पास फिलहाल 64 विधायकों का समर्थन है और यह संख्या अभी और बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही 64 विधायकों के समर्थन वाला पत्र विधानसभा स्पीकर को सौंपेंगे। वहीं टीएमसी के कांग्रेस में विलय की अटकलों पर ऋतब्रत बनर्जी ने स्पष्ट कहा कि हम तो नहीं जा रहे हैं। जहां तक हमारी लेजिस्लेटिव पार्टी की बात है, हम निश्चित रूप से कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं।
ऋतब्रत ने कहा कि संसद में जो सांसद हैं उनमें से दो-तिहाई से ज़्यादा भी कांग्रेस में विलय नहीं कर रहे हैं। तो, कौन किसके साथ विलय कर रहा है? जहां तक हमारा सवाल है और मुझे जो जानकारी है, उसके आधार पर सांसद नहीं जा रहे हैं, हम नहीं जा रहे हैं, नगर पालिका के प्रतिनिधि नहीं जा रहे हैं, जिला परिषद के सदस्य नहीं जा रहे हैं और पंचायत सदस्य भी नहीं जा रहे हैं। तो, कौन जा रहा है? कांग्रेस में विलय का तो कोई सवाल ही नहीं उठता।
आपको बता दें कि तृणमूल अध्यक्ष ममता बनर्जी की आज दिल्ली में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से मुलाकात हुई है। इस मुलाकात को लेकर ऐसा दावा किया जा रहा है कि सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी को इस बात का ऑफर दिया है कि वो टीएमसी का कांग्रेस में विलय कर लें। इसके बदले में ममता को कांग्रेस का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को कांग्रेस महासचिव पद देने की बात कही है। ममता और सोनिया की मुलाकात के बाद अभिषेक बनर्जी की राहुल गांधी से मीटिंग हुई। एबीपी न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ममता बनर्जी टीएमसी के कांग्रेस में विलय पर मान गई हैं। हालांकि इसके लिए अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी के सामने यह शर्त रखी है कि ममता बनर्जी को राज्यसभा भेजा जाए और राज्यसभा में विपक्ष का नेता बनाया जाए।
